भारतीय टीम भले ही फीफा वर्ल्ड कप में ना दिखे पर भारत के खिलाड़ी उसमें खेलते जरुर नजर आएंगे. तहसीन मोहम्मद जमशेद भारतीय मूल के पहले फुटबॉलर हैं जो फीफा वर्ल्ड कप में खेलते दिखे . वह कतर की टीम का हिस्सा हैं.
भारत से जुड़ी हैं जड़ें
तहसीन का जन्म 16 जून 2006 को कतर में जरुर हुआ था, पर उनके पिता जमशेद केरला के कन्नूर से हैं और माता साइमा वलपट्टनम से हैं. बेहतर भविष्य और अवसर के लिए उनके माता-पिता कतर शिफ्ट हो गए थे. और तहसीन का जन्म कतर में ही हुआ.
उनके पिता जमशेद भी फुटबॉल को लेके काफी जुनूनी थे, वो खुद कालीकट यूनिवर्सिटी के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं. तहसीन अपने पिता को अपनी प्रेरणा मानते हैं.
फीफा तक का सफर
तहसीन का फीफा तक का सफर आसान नहीं रहा है. उन्होंने दुनिया की सबसे बेहतरीन फुटबॉल एकेडमी में से एक एस्पायर एकेडमी से ट्रेनिंग ली है. उन्होंने कतर की अंडर-16, अंडर-17 और अंडर-19 नेशनल टीमों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया.राइट-साइडेड अटैकिंग फॉरवर्ड के रूप में खेलने वाले तहसीन ने 31 मार्च 2024 को एक नया इतिहास रचा. कतर के बड़े क्लब अल दुहैल की तरफ से अल रयान के खिलाफ खेलते हुए, वह कतर की प्रीमियर फुटबॉल लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने
वर्ल्ड कप क्वालिफायर (जिसमें भारत के खिलाफ एक मैच भी शामिल था) के दौरान रिजर्व बेंच पर रहने के बाद, उन्होंने कोच लोपेटेगुई को अपने खेल से प्रभावित किया और आखिरकार वर्ल्ड कप की मुख्य टीम का टिकट हासिल कर लिया.
कतर का अगला मैच
कतर की टीम को ग्रुप बी (Group B) में स्विट्जरलैंड, कनाडा और बोस्निया एंड हर्जेगोविना के साथ रखा गया है. 14 जून को स्विट्जरलैंड के खिलाफ हुए मुकाबले में वो बेंच पर थे, पर भारत के हजारों फैंस की नजरें कन्नूर के इस 19 साल के लड़के पर टिकी होंगी. कतर का अगला मैच 19 जून को है और उम्मीद है तहसीन उसमें खेलते नजर आए.
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