राजधानी दिल्ली की सड़कों पर आज राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है. एक ओर INDIA गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में 'चलो दिल्ली' और 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर BJP वेस्ट दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों की याद में पदयात्रा निकाल रही है.

INDIA गठबंधन का मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होगा. यह अजमेरी गेट के रास्ते रामलीला मैदान पहुंचेगा. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों से बड़ी संख्या में इस रैली में शामिल होने की अपील की है.

INDIA गठबंधन की कितनी पार्टियां होंगी शामिल?

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस 'वोट बचाओ, देश बचाओ' आंदोलन में INDIA गठबंधन की कुल 21 प्रमुख विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर हिस्सा ले रही हैं.

इनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), समाजवादी पार्टी (SP), आम आदमी पार्टी (AAP), अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP), शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (SS-UBT), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (CPI-M), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी-लेनिनवादी लिबरेशन (CPI-ML), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB), जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC), जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस (मणि) [KC(M)], मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK), विदुथलाई चिरुथैगल कात्छी (VCK) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) शामिल हैं।

इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है.

क्या है आंदोलन की वजह?

INDIA गठबंधन के इस बड़े आंदोलन और 'चलो दिल्ली' मार्च के पीछे मुख्य वजह चुनाव आयोग के काम करने के तरीक़े को लेकर विपक्ष की नाराजगी है. विपक्ष चुनाव आयोग पर भेदभाव के आरोप लगा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. 

इसी विरोध में रैली से एक दिन पहले यानी 31 अक्टूबर को विपक्ष ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर CEC के खिलाफ एक सांकेतिक 'जन-महाभियोग' (Public Impeachment) कार्यक्रम आयोजित किया था. इस दौरान उनके खिलाफ कई आरोपों को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया.

SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के गंभीर आरोप

चुनाव आयोग द्वारा देश में चलाए जा रहे Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर भी विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है. विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. विपक्षी नेताओं ने इसे 'वोट चोरी' और लोकतंत्र पर हमला करार दिया है. उनकी मांग है कि SIR प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच हो.

रैली को लेकर दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम

वहीं, दिल्ली पुलिस ने रैली को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मार्च के रास्ते और कार्यक्रम स्थल पर 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की टुकड़ियां तैनात की गई हैं.

रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जिनमें से प्रत्येक की निगरानी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी करेंगे. इसके अलावा, निगरानी के लिए 200 से ज्यादा CCTV कैमरों, ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

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