
MGNREGA से VB-GRAM-G तक: 125 दिनों का दावा, 60:40 का पेंच और 5 साल से घटते कार्य दिवसों का कड़वा
जब पुरानी 100 दिनों की गारंटी के बावजूद औसतन करीब 50 दिन का ही रोजगार मिल पाता था, तो क्या नई 125 दिनों की गारंटी वास्तव में ग्रामीण मजदूरों तक पहुंच पाएगी? क्या राज्यों पर बढ़ी वित्तीय जिम्मेदारी रोजगार के अवसरों को प्रभावित करेगी? और क्या डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी या ग्रामीण क्षेत्रों में exclusion का खतरा बढ़ेगा?





