28 और 29 मई को दिल्ली के सुब्रमण्यम हॉल पूसा में खरीफ सीजन के राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें देशभर के कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. इसी दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि खरीफ 2026 सीजन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर किसानों के लिए व्यापक तैयारी की है, ताकि आगामी खरीफ सीजन में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
जरूरत से अधिक बीज उपलब्ध
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अच्छी फसल उत्पादन के लिए अच्छा और गुणवत्तापूर्ण बीज जरूरी है. इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए देश में लगभग 173 लाख क्विंटल बीज की आवश्यकता है, जबकि 192 लाख क्विंटल बीज हमारे पास उपलब्ध है. यानी जरूरत से करीब 11 प्रतिशत अधिक बीज का हमारे पास उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि राज्यों की मांग के अनुसार बीजों की मांग पूरी कर दी गई है और राज्यों से कहा गया है कि वे समय रहते बीज उठाकर किसानों तक पहुंचा दें ताकि किसानों को फसल बुवाई में किसी तरह की देरी न हो.
9.76 करोड़ किसानों की बनी फार्मर आईडी
सरकार किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए फार्मर आईडी अभियान को तेजी से बढ़ा रही है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक 9 करोड़ 76 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है.
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करना पड़ेगा और सरकारी सहायता, खाद तथा अन्य सुविधाएं सही किसानों तक आसानी से पहुंच सकेंगी.
कृषि लोन बढ़ाने पर जोर
कृषि लोन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि देश में औसत कृषि लोन का आकार लगभग 1.32 लाख रुपये है, लेकिन विभिन्न राज्यों में इसमें काफी अंतर है. विशेष रूप से पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में कृषि लोन का प्रवाह अपेक्षाकृत कम है.
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में किसानों को पर्याप्त ऋण नहीं मिल रहा है, वहां बैंकों के साथ बैठक कर स्थिति में सुधार किया जाएगा ताकि किसान समय पर खेती में निवेश कर सकें.
फसल बीमा योजना में होंगे सुधार
फसल बीमा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार कई सुधार करने जा रही है. मंत्री ने कहा कि क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट और रिमोट सेंसिंग आधारित फसल नुकसान आकलन को अधिक सटीक बनाया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि बीमा दावों के भुगतान में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भुगतान में देरी होने पर 12 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान लागू किया जाएगा.
नकली कीटनाशकों के खिलाफ चलेगा अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने नकली और घटिया कीटनाशकों को किसानों के लिए बड़ी समस्या बताया. उन्होंने कहा कि राज्यों को अधिक सैंपलिंग करनी होगी और प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाना होगा. साथ ही एनएबीएल प्रमाणित लैब्स की संख्या बढ़ाने और नकली कृषि आदानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर सहमति बनी है.
हर राज्य के लिए बनेगा अलग कृषि रोडमैप
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के हर राज्य की मिट्टी, जलवायु और कृषि परिस्थितियां अलग हैं. इसलिए अब प्रत्येक राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
इस रोडमैप में मिट्टी की गुणवत्ता, जलवायु, पोषक तत्वों की उपलब्धता, उपयुक्त फसल, बीज की किस्म और उर्वरक उपयोग जैसी बातों को शामिल किया जाएगा ताकि खेती को अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनाया जा सके.
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
सम्मेलन में प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग पर भी विशेष चर्चा हुई. मंत्री ने बताया कि अब तक 20 लाख किसानों ने 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है.
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कम जमीन में अधिक आय अर्जित की जा सके.
1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’
किसानों तक सीधे पहुंचने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें 1 जून से 30 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाएंगी.
इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव जाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, सॉइल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, बेहतर फसल प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि यंत्रों और अन्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा.
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