दो बार की WTC फाइनलिस्ट भारत के लिए इस बार फाइनल तक की राह बहुत कठिन लग रही है. हालात यह हैं कि भारत के लिए हर मुकाबला नॉकआउट जैसा हो गया है. यानी एक भी मैच में मिली हार भारत को WTC के 2025-2027 संस्करण से बाहर कर सकता है.
बांग्लादेश भी भारत से आगे
WTC के इस संस्करण में फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 87.50% पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है. दूसरे स्थान पर अफ्रीका है जिसके 75.00% पॉइंट्स हैं और तीसरे स्थान पर न्यूजीलैंड है जिसके 72.22% पॉइंट्स हैं. भारत 5वें नंबर पर है और इन तीनों टीमों के अलावा इससे आगे बांग्लादेश है , उसके 58.33% पॉइंट्स हैं.
भारत के लिए राह है कठिन
भारत को WTC के इस चक्र में 9 मैच खेलने हैं और उसके पास हारने का विकल्प ना के बराबर है. 9 में से 5 मैच भारत को जनवरी-फरवरी में ऑस्ट्रेलिया से खेलना. हालांकी इस सीरीज में भारत को होम एडवांटेज जरुर मिलेगा पर पिछली दो मजबूत टीमों के खिलाफ भारत अपने घर में भी सीरीज गंवा चुका है. न्यूजीलैंड के खिलाफ उसे 3-0 से हार मिली थी तो वहीं साउथ अफ्रीका ने भारत को 2-0 से हराया था. फिलहाल भारत श्रीलंका दौरे पर है और उसको वहां के स्पिन चैलेंज से पार पाना होगा. वहीं भारत को न्यूजीलैंड का दौरा भी करना है जहां भारत ने खेले अब तक 25 मुकाबलों में सिर्फ 5 में जीत हासिल की है. टेस्ट में न्यूजीलैंड की सरजमीं पर भारत को आखिरी जीत 2009 में मिली. भारत को अगर WTC के लिए अपनी उम्मीदें जिंदा रखनी हैं तो उसे 9 में से कम से कम 7 मुकाबले जीतने होंगे.
गलती की गुंजाइश कम
बाकी टीमों के मुकाबले भारत के गलती करने की गंजाईश बेहद कम है. भारत अगर अपने 9 बचे मुकाबलों में से सिर्फ 2 भी हार जाता है तो उसका पॉइंट 62.96% रह जाएगा और इतने अंक पर फाइनल का टिकट मिलना मुश्किल है. मतलब इतने मैच जीतने के बाद भी भारत को दूसरे टीमों के हार-जीत पर निर्भर होना पड़ेगा. वहीं ऑस्ट्रेलिया अगर सात मैच भी हार जाए तो भी वह फाइनल में पहुंच सकती है. इसके अलावा न्यूजीलैंड और अफ्रीका के पास भी चार मैच का बफर है.
"दो बार की WTC फाइनलिस्ट भारत के लिए इस बार फाइनल तक की राह बहुत कठिन लग रही है. हालात यह हैं कि भारत के लिए हर मुकाबला नॉकआउट जैसा हो गया है…"
