भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी. उनके रिटायरमेंट के बाद BCCI के Pension Scheme के बारे में जानने की लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है. आइए जानते हैं रिटायर्ड क्रिकेटर्स की पेंशन किस आधार पर तय होती है.
क्या है BCCI की पेंशन स्कीम?
BCCI ने साल 2004 में रिटायर हो चुके खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना शुरु की थी. उस समय इस योजना के तहत भारत के लिए टेस्ट खेल चुके खिलाड़ियों और अंपायरों को हर महीने 5000 रुपए पेंशन के तौर पर दी जाती थी. 2012 में इस स्कीम में बदलाव आया और पेंशन को एकमुश्त राशि के रुप में दिया जाने लगा. जिसके लिए टेस्ट मैचों की संख्या को पैमाना माना गया. 100+ टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी को 1.5 करोड़ रुपए दिए जाते थे. 75-99 टेस्ट खेलने वाले को 1 करोड़ 50-74 टेस्ट खेलने वाले को 75 लाख और 25-49 टेस्ट खेलने वाले को 60 लाख रुपए मिलते थे.
नया पेंशन स्कीम
2012 में शुरु हुई पेंशन स्कीम को 2022 में बंद कर दिया गया. साल 2022 में जब सौरव गांगुली BCCI के अध्यक्ष बने तो वह एक नई स्कीम लेकर आए जिसमें खिलाड़ियों के खेले गए टेस्ट मैचों कि संख्या के आधार पर मासिक पेंशन दी जाने लगी. अभी वही स्कीम वर्तमान में लागू है. इस पेंशन स्कीम में सबसे उच्चतम श्रेणी में वह खिलाड़ी आते हैं जिन्होंने भारत के लिए 25 या उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हों.
रहाणे को कितनी पेंशन मिलेगी?
रहाणे BCCI की पेंशन स्कीम के उच्चतम श्रेणी में आते हैं. रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले हैं. BCCI के पेंशन स्कीम के तहत जिस खिलाड़ी ने 25 से ज्यादा टेस्ट खेले हैं उनको बोर्ड हर महीने 70,000 रुपए पेंशन देता है. इसका मतलब है रहाणे को पेंशन के रुप में सचिन, सहवाग, रोहित और विराट के बराबर ही पैसे मिलते हैं. इसके अलावा खिलाड़ियों को कई तरह के इंश्योरेंस भी मिलते हैं. जिसमें 10 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस होता है. वहीं अगर किसी खिलाड़ी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को सहायता राशि भी दी जाती है.
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