संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यू यॉर्क में एक योग सत्र का आयोजन किया. हर साल की तरह इस साल भी पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इंतज़ार कर रहा है और इसी बीच संयुक्त राष्ट्र में इस योग सत्र ने इस दिन के इंतज़ार को और भी बढ़ा दिया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सत्र में अलग-अलग जगहों से आए करीब 800 योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया और भारत की इस प्राचीन योग परम्परा का वैश्विक स्तर पर उत्सव मनाया. कार्यक्रम में सामान्य योग प्रोटोकॉल पर आधारित सत्र और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन द्वारा उन्नत योग प्रदर्शन शामिल था. पहली महिला और गैर-भारतीय सिद्ध गुरु के रूप में मान्यता प्राप्त योगमाता केइको ऐकावा ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
कौन हैं योगमाता केइको ऐकावा ?
योगमाता केइको ऐकावा जापान की एक आध्यात्मिक गुरु, योग शिक्षिका और लेखिका हैं. वह इतिहास की पहली महिला और गैर-भारतीय हैं जिन्हें सर्वोच्च 'सिद्ध मास्टर' की उपाधि और भारत में जूना अखाड़े द्वारा 'महामंडलेश्वर' का दर्जा प्राप्त है.
21 जून से पहले शुरू हुए आयोजन
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले अमेरिका भर में कई योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. न्यू यॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुआ यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है.
अमेरिका के कई प्रसिद्ध स्थलों पर बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे. इनमें वॉशिंगटन डीसी का लिंकन मेमोरियल, न्यू यॉर्क सिटी का टाइम्स स्क्वायर और शिकागो का नेवी पियर शामिल हैं. इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ यानी ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ है, जो शारीरिक सक्रियता, मानसिक स्वास्थ्य और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन में योग की भूमिका पर केंद्रित है.
पीएम मोदी योग गुरु
प्रधानमंत्री मोदी के योग गुरु, एचआर नागेंद्र को 21 जून को टाइम्स स्क्वायर में होने वाले योग सम्मेलन को संभालने का मौक़ा दिया गया है. आपको बता दे, यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित किया जा रहा है.
कब शुरू हुआ था अंतरराष्ट्रीय योग दिवस?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पहली बार 21 जून 2015 को मनाया गया था. इससे पहले, 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.
यह प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रखा था, जिसे कई देशों का समर्थन भी मिला. तभी से हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 2026 में इसका 12वां आयोजन किया जा रहा है.
21 जून को ही क्यों चुना?
21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है, और यहीं कारण है कि इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया.
इस दिन सूरज सबसे ज्यादा देर तक रहता है, जिसे ऊर्जा, रोशनी और जीवन शक्ति का प्रतीक माना जाता है, और योग में भी शरीर और मन को संतुलन, ऊर्जा और जागरूकता देने पर जोर होता है, इसलिए यह दिन योग के संदेश के साथ बहुत मेल खाता है. इसी वजह से 21 जून की तारीख तय की गई, ताकि यह प्राकृतिक रूप से योग के महत्व को दर्शा सके.
"संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यू यॉर्क…"
