क्रिकेट में जब भी कोई अहम मैच होता है और एक तरफ साउथ अफ्रीका होती है तो सामने वाली टीम का पलड़ा बिना किसी वजह ही भारी हो जाता है. अहम मैचों में दबाव को न झेल पाने के कारण ही शायद साउथ अफ्रीका ट्रॉफी जीतने से चूक जाती है. यही कारण है कि उसे चोकर्स कहा जाता है.
इंग्लैंड के सीनियर खिलाड़ियों ने संभाला जिम्मा
जब मंच बड़ा था तो इंग्लैंड़ के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों ने आगे आकर टीम को संभाला. टॉस जीत के पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ओपनर एमी जोन्स सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं. उसके बाद इंग्लैंड जल्दी ही दो और विकेट गंवाए. पर एक छोर पर नेट साइवर ब्रंट टिकी हुई थीं. आखिरकार उन्हें साथ मिला हीथर नाइट का. दोनों ने मिलकर 90 गेंदों में 133 रन की बड़ी और महत्वपूर्ण साझेदारी की. 20 ओवर में इंग्लैंड ने 169 रन बनाए. साउथ अफ्रीका के लिए सबनीम इस्माइल और नोन्कुलुलेको ने दो-दो विकेट लिए.
दबाव में बिखरी साउथ अफ्रीका, नहीं हटा पाए चोकर्स का टैग
साउथ अफ्रीका की शुरुआत इंग्लैंड से काफी अच्छी रही. छठवें ओवर के खत्म होने से पहले अफ्रीका ने 40 रन का आंकड़ा पार कर लिया था. 43 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद टीम तास के पत्तों की तरह बिखर गई. साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 20 ओवर में 129 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. इंग्लैंड की तरफ से लॉरेन बेल और चारलोट डीन ने 2-2 विकेट लिए. इंग्लैंड ने यह मैच 40 रनों से जीतकर फाइनल में जगह बनाई.
मैच में बने कुछ खास रिकॉर्ड्स
इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में 5वीं बार फाइनल में जगह बनाई है. वह ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी ऐसी टीम है जिसने टी-20 वर्ल्ड कप में 5 या उससे ज्यादा बार फाइनल में जगह बनाई है. सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने का रिकॉर्ड फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पास जिसने 8 बार यह कारनामा किया है.
इंग्लैंड इस वर्ल्ड कप में बिना एक भी मैच हारे फाइनल में पहुंची है. इस टूर्नामेंट के खेले सभी 6 मैचों में उसे सभी में जीत मिली है.
इसके अलावा इंग्लैंड ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया. इंग्लैंड ने लंदन के ओवल में खेले टी-20 के सभी मैचों में जीत हासिल की है. इंग्लैंड ने ओवल में खेले सभी 6 मैच जीते हैं.
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