26 मई को हुए निकाय चुनावों के फैसले आ गए हैं. 48% वार्ड जीत कर आप शीर्ष पद पर काबिज हुई, दूसरे पायदान पर कांग्रेस फिर क्रमश: निर्दलीय, अकाली दल, बीजेपी और 7 वार्ड जीत कर बसपा का हाथी भी नतीजों में नजर आया. 29 मई को आए रिजल्ट अरविंद केजरीवाल के लिए खुशी का मौका हो सकते हैं, लेकिन भारतीय चुनावों का इतिहास रहा है कि सत्तादल पार्टियां निकाय चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन करती आई हैं. हालांकि, कुछ रुझान सत्ताविरोधी लहर के कमजोर होने की ओर इशारा जरूर कर रहे हैं.

कौन-कितना जीता

कुल 1977 वार्डों पर चुनाव हुए थे, जिसमें 48% यानी 958 वार्ड आप के नाम रहे. कांग्रेस को 397, निर्दलियों को 251, अकाली को 191 और भाजपा को 172 वार्डों पर जीत मिली.

विपक्ष की विफलता

कांग्रेस बाजवा, चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष के आंतरिक कलह की बलि चढ़ गई, तो बादल परिवार की राज्य स्तरीय पकड़ लगातार कमजोर होती दिख रही है. इसी बीच कमल के हिस्से में आए वोट भी भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं. तमाम उठापटक के बावजूद भाजपा अपने मजबूत गढ़ पठानकोट में भी फंसती नज़र आ रही है.

कहां-कहां थे चुनाव

इन निकाय चुनावों में नगर निगम की 8 सीटें, नगर कौंसिल की 76 सीटें और 21 सीटें नगर पंचायतों की थीं. नगर निगम की पार्षदी के लिए बठिंडा, मोहाली, होशियारपुर, मोगा, पठानकोट, बटाला, अबोहर और कपूरथला की सीटों पर वोटिंग हुई थी. चुनावों में 7554 उम्मीदवार उतरे थे और मत प्रतिशत 63.94% रहा था.

नगर निगम के नतीजे

नगर निगम की 8 में से 5 सीटों पर झाड़ू चल गई. मोहाली, बठिंडा, बरनाला, मोगा और बटाला में आप के पार्षद पूर्ण बहुमत के साथ चुने जाएंगे. वहीं कपूरथला से कांग्रेस और अबोहर से बीजेपी ने एक-एक सीट जीतकर खाता खोल लिया है. लेकिन, भाजपा के गढ़ पठानकोट में पेंच फंस गया है. प्रत्येक नगर निगम में 50 वार्ड होते हैं. इसी क्रम में पठानकोट निगम के कुल 50 में से 31 वार्ड बीजेपी ने जीते, जबकि कांग्रेस को 16 और AAP को 11 वार्डों में जीत मिली.

कौंसिल और पंचायतों के परिणाम

AAP निम्न नगर परिषदों में क्लीन स्वीप कर गई-

श्री मुक्तसर साहिब, धूरी, मलेरकोटला, गिद्दड़बाहा, सुनाम, कोटकपूरा, गोबिंदगढ़, खन्ना, जंडियाला गुरु, रामा, जैतो और दसूया.

अगर जिलों की नजर से देखें तो पार्टी ने एसएएस नगर (मोहाली), संगरूर, रूपनगर, पटियाला, मुक्तसर और फतेहगढ़ साहिब जिलों में अपनी राजनीतिक शक्ति का परिचय दिया है.

कांग्रेस ने जिन नगर परिषदों में अच्छा प्रदर्शन किया-

फाजिल्का, फिरोजपुर, फरीदकोट, राजपुरा, जगराओं, रायकोट, मलेरकोटला, मेहतापुर, मोरिंडा, चमकौर साहिब, नंगल, भवानीगढ़, फतेहगढ़ चूड़ियां, मौर, जीरा और मलोट.

कुछ हिस्सों में सिमट चुकी अकाली दल निम्न सीटों पर रही-

बठिंडा जिले की कोट शमीर, मलूका, भाई भगता, मौर, नथाना और संगत नगर परिषदों में अच्छा प्रदर्शन किया. पार्टी ने बुढलाडा और मानसा में भी कुछ वार्ड जीते, जबकि मुक्तसर जिले के मलोट में भी उसे सफलता मिली.

अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया की पत्नी गनीव मजीठिया के विधानसभा क्षेत्र में अकालियों का प्रदर्शन ठीक रहा.

नतीजों के मायने

निकाय चुनावों के नतीजों को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. जबकि, कुछ सीमित संकेतों के अलावा कोई निर्णायक आकलन इन नतीजों से निकलते नहीं दिखते. मसलन, पिछले निकाय चुनाव कोरोना के दौरान कांग्रेस के कार्यकाल में हुए थे. इन चुनावों में कांग्रेस ने भारी बढ़त के साथ जीत अपने नाम की थी, लेकिन अगली ही साल जब 2022 में विधानसभा चुनाव हुए, तो कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई. ऐसे में चुनावी भविष्यवाणी के लिए निकाय चुनावों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता.

चुनावी संकेत

हालांकि इन चुनावों ने सत्ताविरोधी लहर की जमीनी हकीकत, कुछ हद तक बयां की है. दरअसल, आप सरकार को पांच साल हो चले हैं. इस दौरान आप पर सांप्रदायिकता भड़काने और दिल्ली से चलाए जाने के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन, इन चुनावों के मुताबिक आप ने सत्ता विरोधी लहर को कुछ हद तक काबू कर लिया है.

आम आदमी पार्टी

भगवंत मान सरकार ने पांच तरीकों से जनआक्रोश को काबू किया है. सबसे पहले तो एंटी-ड्रग अभियान चलाकर. दूसरा, स्वास्थ्य और महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाएं चलाकर. तीसरा, कांग्रेस की अंदरूनी कलह ने भी आपका साथ दिया है. विपक्ष सत्ताविरोधी गुस्से को वोटों में भुना नहीं पा रहा है. चौथा, आप जनता को यह समझाने में सफल रही हैं कि दिल्ली जैसी शिक्षा क्रांति पंजाब में भी आ गई है. पाँचवाँ, कांग्रेस ने लगभग सारे चुनावी वादे पूरे कर दिए हैं.

एक छठी वजह और है, जिसकी ओर राजनीतिक विशेषज्ञ बार-बार इशारा कर रहे हैं, सांप्रदायिकता. पर्यवेक्षकों का मत है कि भगवंत सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक ताकतों को दोबारा खड़ा किया है. इसके चलते ग्रामीण और शहरी निम्न आय वर्गों वाले मतदाता, आप को चुन रहे हैं.

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