कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे और राहुल गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात में वह अपने बेटे यतींद्र को भी साथ लेकर आए जो कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं. 

सिद्धारमैया के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और राज्य के मंत्री केजी जॉर्ज भी दिल्ली आए थे.

राज्यसभा जाने से किया इनकार

कांग्रेस हाई कमान ने सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने और केंद्र की राजनीति में लाने की कोशिश की थी. राहुल गांधी ने खुद उनसे बात की और समझाया. लेकिन सिद्धारमैया ने केंद्र की राजनीति में जाने से साफ मना कर दिया. 

उन्होंने अपनी प्रेस वार्ता में कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें पांच साल के लिए चुना है और अभी दो साल बाकी हैं. वह उन्हें बीच में छोड़कर नहीं जा सकते. उनका फैसला साफ है, वह राज्य की राजनीति में ही बने रहेंगे.

अलग-अलग हुई दोनों नेताओं की बैठक

दिल्ली में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक साथ आए. यहां की दोनों ने साथ में भोजन भी किया लेकिन राहुल गांधी से उनकी बैठकें अलग-अलग हुईं. दोनों की अपनी-अपनी मांगें थीं. किसे राज्य सरकार में कितनी हिस्सेदारी मिलेगी और संगठन में कौन से पद किसके पास रहेंगे, यह सब इन बैठकों में तय हुआ. 

इसके बाद सिद्धारमैया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मिले जो खुद कर्नाटक की राजनीति से आते हैं. सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र की मुलाकात राहुल गांधी और खड़गे दोनों से कराई.

यतींद्र को कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद

सिद्धारमैया के राज्य में बने रहने के फैसले पर हाई कमान को कोई आपत्ति नहीं है. और जब अब सिद्धारमैया ने राज्य सभा जाने से मना कर दिया है तो बदले में यतींद्र को राज्य के कैबिनेट मंत्रालय में शामिल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. हाई कमान ने सिद्धारमैया के काम की सराहना. सिद्धारमैया ने कहा कि आने वाली सरकार भी जनता की भलाई के लिए इसी तरह काम करती रहेगी.

डीके शिवकुमार को छोड़ना होगा प्रदेश अध्यक्ष का पद

डीके शिवकुमार अभी तक उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी थे. अब जब वह मुख्यमंत्री बनेंगे तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा. इसके बाद हाई कमान को नए प्रदेश अध्यक्ष का फैसला भी लेना होगा.

शनिवार को बेंगलुरु में होगी अहम बैठक

शनिवार को बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी जिसमें नए नेता को चुना जाएगा. इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे. माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लग जाएगी और शनिवार की बैठक के बाद आधिकारिक घोषणा भी हो सकती है.

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