एक समय था जब देश में डिजिटल भुगतान का मतलब ही Paytm माना जाता था. चाय की दुकान हो, ऑटो रिक्शा या बड़ा शॉपिंग मॉल हर जगह "Paytm कर दीजिए" सुनाई देता था, लेकिन जिस Paytm Payments Bank को भारत के डिजिटल बैंकिंग मॉडल का भविष्य माना जा रहा था, वही बैंक अब इतिहास बन चुका है.

RBI ने अप्रैल 2026 में इसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया और जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक के परिसमापन (Winding Up) का आदेश दे दिया.

मोबाइल रिचार्ज से शुरू हुआ था सफर

Paytm की शुरुआत वर्ष 2010 में One97 Communications ने एक मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म के रूप में की थी. 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद कंपनी की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया.

QR कोड आधारित भुगतान तेजी से बढ़ा और कुछ ही वर्षों में Paytm देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनियों में शामिल हो गई. इसके बाद कंपनी ने Payments Bank के जरिए बैंकिंग सेक्टर में कदम रखा. 2017 में Paytm Payments Bank ने सेविंग अकाउंट, वॉलेट, FASTag और अन्य डिजिटल बैंकिंग सेवाएं शुरू कीं.

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2018 में ही मिल गई थी पहली चेतावनी

Paytm Payments Bank की मुश्किलें 2024 में नहीं, बल्कि 2018 में शुरू हो गई थीं. RBI के निरीक्षण में KYC और नियामकीय अनुपालन से जुड़ी कमियां सामने आने के बाद बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया गया था. बाद में कुछ सुधारों के बाद यह रोक हटा ली गई, लेकिन बैंक RBI की निगरानी में बना रहा.

2022 में फिर लगी रोक

11 मार्च 2022 को RBI ने दूसरी बार Paytm Payments Bank को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया. इसके साथ ही बैंक का विशेष आईटी ऑडिट भी कराया गया. ऑडिट में सामने आई रिपोर्टों के बाद RBI ने बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए.

एक PAN से हजारों खाते जुड़े होने का मामला बना चर्चा का विषय

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में एक ही PAN नंबर हजार से अधिक खातों से जुड़ा मिला. इस खुलासे ने बैंक की KYC और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. हालांकि RBI ने अपने सार्वजनिक आदेश में यह नहीं कहा कि सभी ऐसे खाते फर्जी थे, लेकिन नियामक ने इसे गंभीर अनुपालन संबंधी चिंता माना.

RBI ने क्यों की सख्त कार्रवाई?

RBI के अनुसार बैंक में कई गंभीर नियामकीय कमियां लगातार बनी रहीं. इनमें KYC प्रक्रियाओं की कमजोरियां, ग्राहक सत्यापन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, तकनीकी नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे. केंद्रीय बैंक ने अपने आदेश में कहा कि बैंक का संचालन जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के प्रतिकूल पाया गया.

31 जनवरी 2024 बना सबसे बड़ा मोड़

31 जनवरी 2024 को RBI ने Paytm Payments Bank को नए डिपॉजिट, वॉलेट टॉप-अप, FASTag रिचार्ज और कई अन्य बैंकिंग सेवाएं बंद करने का आदेश दिया. इस फैसले के बाद देशभर में भ्रम की स्थिति बन गई. कई ग्राहकों को लगा कि Paytm पूरी तरह बंद हो गया है, जबकि वास्तव में कार्रवाई केवल Paytm Payments Bank पर हुई थी.

आखिरकार रद्द हुआ लाइसेंस

24 अप्रैल 2026 को RBI ने Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया. केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक लगातार नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा और उसका संचालन जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल था. इसके बाद RBI ने बैंक को बंद करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया बैंक बंद करने का आदेश

जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने Paytm Payments Bank को बंद करने का आदेश देते हुए पूर्व SBI अधिकारी गिरिकुमार एम. नायर को आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया. इसके साथ ही बैंक के औपचारिक परिसमापन की प्रक्रिया शुरू हो गई.

क्या Paytm खत्म हो गया?

नहीं. Paytm Payments Bank और One97 Communications अलग-अलग संस्थाएं हैं. बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बावजूद Paytm ऐप, UPI भुगतान, QR कोड, साउंडबॉक्स और मर्चेंट सेवाएं अन्य बैंक साझेदारों के माध्यम से जारी हैं.

 

"एक समय था जब देश में डिजिटल भुगतान का मतलब ही Paytm माना जाता था. चाय की दुकान हो, ऑटो रिक्शा या बड़ा शॉपिंग मॉल हर जगह "Paytm कर दीजिए" सुन…"