संसद के मॉनसून सत्र का आज सातवां दिन है. नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से जारी सियासी घमासान के बाद आखिरकार आज सदन में कामकाज पटरी पर लौटता नजर आ रहा है. छह दिनों तक चले गतिरोध के बाद सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनी और उसके बाद संसद की कार्यवाही आगे बढ़ पाई.

आज लोकसभा में विधेयकों के संशोधित प्रावधानों पर चर्चा हो रही है, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. संसद में आज एंटी-पेपर लीक कानून में बदलाव और MSME सेक्टर से जुड़े अहम विधेयकों पर चर्चा हो रही है.

बांसुरी स्वराज ने "Clocked it" का किया इस्तेमाल

एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए Gen-Z के लोकप्रिय शब्द "Clocked it" का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि युवाओं की भाषा में कहें तो मोदी जी ने इस मुद्दे को सही तरीके से समझा और इसका सही समाधान दिया.

दरअसल, "Clocked it" का मतलब होता है किसी बात को सही समय पर समझ लेना और सही प्रतिक्रिया देना.

प्रियंका गांधी ने सरकार और शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना

वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसी विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार और शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया, जिसने एक गर्भवती महिला के साथ बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर अपनी सहमति जताई थी. प्रियंका गांधी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने ऐसे व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी है.

अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाया

इसी चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी NDA सरकार पर हमला बोला. उन्होंने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर बनी इस यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने कोई नई सरकारी यूनिवर्सिटी नहीं बनाई, लेकिन अगर कोई निजी यूनिवर्सिटी बनती है तो उसे तोड़ने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति देश को किस दिशा में ले जाएगी, इस पर विचार करने की जरूरत है.

तेजस्वी सूर्या ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई

वहीं, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समस्या सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र लंबे समय तक मानसिक दबाव से गुजरते हैं. कई छात्र आठवीं कक्षा से ही नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं और कोटा जैसे शहरों में सालों तक सिर्फ परीक्षा की तैयारी में लगे रहते हैं.

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि इस दबाव के कारण छात्रों की जिंदगी से खेल, दोस्ती और सामान्य सामाजिक गतिविधियां दूर हो जाती हैं और वे एक मशीन की तरह केवल पढ़ाई और परीक्षा के बीच सीमित होकर रह जाते हैं.

दयानिधि मारन ने सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

इधर, डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने सरकार की परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस विधेयक की तारीफ करने लायक सिर्फ एक बात है कि यह अंग्रेजी में लिखा गया है.

मारन ने कहा कि "वन इंडिया, वन एग्जाम" जैसी व्यवस्था भारत जैसे विविधताओं वाले देश के लिए सही नहीं है. उन्होंने पेपर लीक मामले को लेकर वित्त मंत्री पर भी निशाना साधा और कहा कि इसे छात्रों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलने का कारण बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है और सरकार को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

एंटी पेपर लीक बिल में सख्त प्रावधान

आपको बता दें कि एंटी पेपर लीक बिल को सोमवार को स्टेट मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने पेश किया था. इस बिल का उद्देश्य एग्जामिनेशन सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी लाना है. इसमें पनिशमेंट के बेहद सख्त नियम बनाए गए हैं.

गिल्टी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही 10 करोड़ रुपये तक का फाइन भी लगाया जा सकता है. आरोपियों की प्रॉपर्टी भी सीज की जाएगी. फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने के अंदर फैसला सुनाने का सिस्टम बनाया जाएगा. इससे पेपर माफिया पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी.

अब आगे क्या?

फिलहाल संसद में इस बिल पर चर्चा जारी है. अब देखना होगा कि इस बिल की बहस कितनी लंबी चलती है और सरकार व विपक्ष के बीच आगे किस तरह की सियासी बहस देखने को मिलती है.

"संसद के मॉनसून सत्र का आज सातवां दिन है. नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से जारी सियासी घमासान के बाद आखिरकार आज सदन में कामकाज पट…"