करीब दो महीने पहले ही दिलीप पुरी का ट्रांसफर देवास जिले के खातेगांव थाने के प्रभारी के रूप में हुआ था. वह 2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और लंबे समय से पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे. लेकिन रविवार देर रात उनकी ड्यूटी के दौरान एक ऐसा हादसा हुआ, जिसमें उनकी जान चली गई.
दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को सूचना मिली कि इंदौर-बैतूल हाईवे के रास्ते एक ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है. इसके बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ रात में ही चेकिंग शुरू कर दी.
ट्रक को रोकने की कोशिश में गवाई जान
कुछ ही देर में एक ट्रक दिखाई दिया. दिलीप पुरी टीम के साथ ट्रक के पास पहुंचे. लेकिन खुद को फंसता देख ड्राइवर ने ट्रक रोकने के बजाय उसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ा दिया. इसी दौरान दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया.
इस हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गए. मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया. करीब दो घंटे तक उनका इलाज चला.
डॉक्टरों ने उन्हें CPR भी दिया, लेकिन गंभीर चोटों और काफ़ी खून बहने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका. मामले में अवैध शराब की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.
देशभर में कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की मौत
लेकिन हैरानी की बात ये है कि यह 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई ऐसी पहली घटना नहीं है. इस साल भी कई बार पुलिस और एक्साइज विभाग के जवानों को आरोपियों को पकड़ने या अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के दौरान अपनी जान गंवानी पड़ी है.
कहीं तस्करों की कथित फायरिंग में जवानों की मौत हुई, तो कहीं छापेमारी या संदिग्ध वाहनों को रोकने की कोशिश के दौरान हुए हादसों में पुलिसकर्मियों ने जान गंवाई. इन घटनाओं से पता चलता है कि अपराधियों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को किस तरह के जोखिम का सामना करना पड़ता है.
पुलिस स्मृति दिवस पर दुर्घटनाओं के आँकड़े आए सामने
इस साल पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान जान गंवाने का मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाजा अक्टूबर में सामने आए एक आंकड़े से लगाया जा सकता है.
दरअसल, 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर जारी जानकारी के मुताबिक, देशभर में 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच 154 पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई. हालांकि, इस आंकड़े में सड़क दुर्घटनाओं से लेकर अन्य ड्यूटी संबंधी घटनाओं में हुई मौतें भी शामिल हैं.
"करीब दो महीने पहले ही दिलीप पुरी का ट्रांसफर देवास जिले के खातेगांव थाने के प्रभारी के रूप में हुआ था. वह 2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और लं…"













