भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट में फेरबदल होने वाला है. मुख्य पदों पर बैठे लोगों की कुर्सी छीनने वाली है, और ऐसा होने में टीम के सीनियर खिलाड़ियों की नाराजगी एक बहुत बड़ी वजह है. उनकी नाराजगी जायज भी है. वो खिलाड़ी जो अपनी उम्र को मात देकर हमेशा अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं आखिर खराब टीम सेलेक्शन और कोचिंग स्टाईल के कारण हो रही हार का ठीकरा उनके सिर क्यों फोड़ा जा रहा है?
अजीत अगरकर की छुट्टी तय
भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर मुश्किलों में घिरते हुए नजर आ रहे हैं. जिनके कार्यकाल को 2027 वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की बात चल रही थी शायद सितंबर में उनके कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. इसका सबसे बड़ा कारण है प्लेयर्स का मैनेजमेंट के साथ कम्युनिकेशन. इसके अलावा उनके टीम सेलेक्शन पर भी सवाल उठते रहते हैं. जिसका परिणाम हमें आयरलैंड और इंग्लैंड में सीरीज हार के रुप में देखने को मिला.
अगरकर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय तब बने जब इंग्लैंड सीरीज में लॉर्ड्स वनडे से पहले यह खबरें आई थी कि अगरकर ने रोहित को यह साफ कर दिया है कि वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम के प्लानिंग का हिस्सा नहीं हैं और तब सबको लगा था कि लॉर्ड्स का मैच रोहित का आखिरी वनडे मैच हो सकता है. लेकिन BCCI के मुख्य सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात से इंकार किया और बिना अगरकर से बात किए यह कह दिया कि रोहित जब तक टीम की योजना का हिस्सा हैं वह खेलते रहेंगे, और लॉर्ड्स में संन्यास की बात गलत है.
BCCI और सेलेक्टर्स में मतभेद
सेलेक्टर्स को लगता है कि रोहित के होते हुए टीम 2027 का वर्ल्ड कप नहीं जीत सकती वहीं BCCI के ऑफिसियल्स इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते. गौरतलब है कि सेलेक्टर्स रोहित की उम्र को देखते हुए उन्हें टीम से बाहर करने का सोच रहे हैं. जबकि रोहित के परफॉर्मेंस पर उम्र का असर नहीं दिख रहा. 2023 वर्ल्ड कप के बाद से 47 से ऊपर के एवरेज से 1000 से ज्यादा रन बना चुके हैं उनका स्ट्राईक रेट भी 100 से ऊपर का रहा है.
भारतीय टीम का खराब दौर
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह भी खबर आई थी कि टीम के कई प्लेयर्स टीम सेलेक्शन और कोचिंग स्टाईल से नाखुश हैं और उन्होंने यह बात BCCI के पदाधिकारियों के अलावा टीम के कई पुराने खिलाड़ियों से भी साझा की हैं. इन सब का असर कहीं न कहीं भारतीय टीम के पर्फॉर्मेंस पर दिखता है. पिछले कुछ सीरीज की बात करें तो भारत टेस्ट में न्यूजीलैंड से और अफ्रीका से घर में टेस्ट सीरीज हारा, ऑस्ट्रेलिया से सीरीज हारा वहीं वनडे में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया से सीरीज हारा. हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड से टी-20 सीरीज में हार और फिर इंग्लैंड से वनडे में हार मिली.
खिलाड़ियों में टीम से बाहर होने का डर
गौतम गंभीर एक कोच के तौर पर खिलाड़ियों को वह सेक्यूरीटी नहीं दे पाते जो एक खिलाड़ी को अपना बेस्ट देने के लिए खुल के खेलने का मौका दे. अक्सर ही खिलाड़ियों में टीम से बाहर जाने का डर बना रहता है और वह खुल के अपना नैचुरल गेम नहीं खेल पाते जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ता है. इस मामले में द्रविड काफी हद तक खिलाड़ियों को सहज करने में कामयाब दिखते थे.
एक और बात जो गंभीर को खिलाड़ियों के नापसंद करने का कारण हो सकता है वो ये है कि जीत का श्रेय लेने के लिए गंभीर आगे आ जाते हैं पर हार के बारे में बोलना हो तो खिलाड़ियों को आगे कर देते हैं. जहां तक द्रविड़ के बारे में यह धारणा बिल्कुल इसके विपरित है. द्रविड़ हमेशा ही अपने खिलाड़ियों के बचाव में आगे आते थे.
श्रीलंका दौरा तय करेगा अगरकर की आगे की राह
फिलहाल भारतीय टीम श्रीलंका के साथ दो टेस्ट मैच के दौरे पर गई हुई है. अगर भारत यह टेस्ट सीरीज हार जाती है तो अगरकर का कार्यकाल इस सितंबर में खत्म ही मानिए. हां जीत के बाद उनका कार्यकाल बढने की थोड़ी गुंजाईश जरूर बढ़ जाती है.
अगरकर के बाद अगर चीफ सेलेक्टर बनने की रेस में कोई सबसे आगे है तो वह हैं भारत के पूर्व बैटर वीवीएस लक्ष्मण.इस वक्त वह सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के क्रिकेट हेड हैं. वहीं गंभीर की गैरमौजूदगी में वह भारत के कोच के तौर पर अपनी सेवा भी देते हैं. इसके अलावा वह अंडर-19 क्रिकेट के लिए भी प्लानिंग, शेड्यूल और डेवलेपमेंट रिलेटेड इश्यू पर भी काम करते हैं.
"भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट में फेरबदल होने वाला है. मुख्य पदों पर बैठे लोगों की कुर्सी छीनने वाली है, और ऐसा होने में टीम के सीनियर खिलाड़ियों…"
