कवि केदारनाथ सिंह की कविता में एक पंक्ति है. अंत महज एक मुहावरा है. आज अगर उसको थोड़ा सा तोड़ें और कहें कि उम्र महज एक मुहावरा है. तो ये गलत नहीं होगा. क्योंकि बात क्रिस्टियानो रोनाल्डो की हो रही है.
नॉकआउट में उतरते ही बनाया पाई उपलब्धि
रोनाल्डो ने क्रोएशिया के खिलाफ मैच में उतरते ही एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. वह नॉकआउट के मुकाबले में खेलने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं. वहीं, उन्होंने मेसी का भी एक रिकॉर्ड तोडा. हाल ही में मेसी ने नॉकआउट मुकाबले में गोल कर सबसे ज्यादा उम्र में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया था. मेसी की उम्र उस वक्त 38 साल थी. वहीं, रोनाल्डो ने यह कारनामा 41 साल और 147 दिन की उम्र में किया.
अब तक नहीं कर पाए थे ये कारनामा
रोनाल्डो के करियर का यह छठवां फीफा वर्ल्ड कप है. पर आपको जानकार हैरानी होगी कि फीफा के नॉकआउट मुकाबलों में यह रोनाल्डो का पहला ही गोल था. टोरंटो में क्रोएशिया के खिलाफ हुए मुकाबले में रोनाल्डो ने दूसरे हाफ में पेनल्टी के जरिए यह गोल किया जो जीत में निर्णायक साबित हुआ.
धराशायी करेंगे मेसी का रिकॉर्ड?
क्रोएशिया के साथ हुए मुकाबले रोनाल्डो का फीफा में 26वां मैच था. इस तरह अब वो फीफा में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गए हैं. उनसे आगे अब सिर्फ जर्मनी के लोथार मथाउस और लियोनल मेसी हैं. लोथार मथाउस ने फीफा में 27 मैच खेले हैं. वहीं, सबसे ज्यादा मैचों का रिकॉर्ड लियोनल मेसी के नाम है. मेसी ने अब तक 29 मैचों में हिस्सा लिया है.
रोनाल्डो और मेसी का यह आखिरी फीफा वर्ल्ड कप हो सकता है. रोनाल्डो को अगर यह रिकॉर्ड तोड़ना है तो उन्हें यह उम्मीद करनी होगी कि उनकी टीम फाइनल तक खेले और मेसी की टीम यानी अर्जेंटीना अगला मैच हार कर फीफा से बाहर हो जाए. हालांकि पुर्तगाल ग्रुप ऑफ 16 में पहुंच गई है और अगले मैच में उतरते ही रोनाल्डो लोथार मथाउस के 27 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे.
"कवि केदारनाथ सिंह की कविता में एक पंक्ति है. अंत महज एक मुहावरा है. आज अगर उसको थोड़ा सा तोड़ें और कहें कि उम्र महज एक मुहावरा है. तो ये गलत…"
