राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए केंद्रीय बलों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती में से एक की तैयारी है. गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कुल 221 कंपनियां दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराई हैं. इनमें करीब 23,000 जवान होंगे. 
यह तैनाती ऐसे समय हो रही है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर से 'जंतर-मंतर 2.0' के नाम से नया आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. उसका मुद्दा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा है. 

ThePrint की रिपोर्ट के मुताबिक 221 कंपनियों में से 111 कंपनियां जुलाई में हुए CJP के प्रदर्शन के समय ही दिल्ली पुलिस को दी गई थीं. ये कंपनियां 12 और 13 सितंबर को हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी दिल्ली में ही रहीं. इनमें BSF की 41, ITBP की 18, SSB की 16, RAF की 13, CRPF की 12 (पांच महिला कंपनियों समेत) और CISF की 11 कंपनियां शामिल थीं. अब 6 अक्टूबर को 110 अतिरिक्त कंपनियों को मंजूरी दी गई है. इनमें CRPF की 85, SSB की 10, RAF की सात, ITBP की सात और CISF की एक कंपनी है. 

इस तैनाती के लिए CRPF की कंपनियां तीन जगहों से हटाई गई हैं. ये जम्मू क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ हैं. जम्मू में ये कंपनियां अमरनाथ यात्रा के बाद रोकी गई थीं. बंगाल में वे पिछले साल हुए चुनावों के बाद से तैनात थीं. छत्तीसगढ़ में वे नक्सल-विरोधी अभियानों में लगी थीं. एक सूत्र के अनुसार जम्मू क्षेत्र में तैनात 137 में से 20 कंपनियां, बंगाल की 65 में से 40 कंपनियां और छत्तीसगढ़ की 157 में से 22 कंपनियां हटाई जा रही हैं. 

प्रसाशन के अनुसार ये कंपनियां जारी प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बुलाई गई हैं. उनके मुताबिक पुलिस ने अतिरिक्त बल की जरूरत बताई थी. विचार-विमर्श के बाद 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए तैनाती को मंजूरी दी गई, जिसके बाद कंपनियों को छोड़ दिया जाएगा. केंद्रीय बलों के अलावा कम से कम 15,000 दिल्ली पुलिस कर्मी भी जमीन पर तैनात रहेंगे. 

जुलाई के CJP आंदोलन में दिल्ली में CAPF की 150 कंपनियां लगाई गई थीं और पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ से जवानों को हवाई मार्ग से लाया गया था. 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान 93 कंपनियां तैनात हुई थीं. हालांकि मौजूदा तैनाती G-20 शिखर सम्मेलन के लगभग बराबर है, जब 236 CAPF कंपनियां और करीब 25,000 दिल्ली पुलिस कर्मी लगाए गए थे.

 

-ममता सिंह 

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