मध्य प्रदेश में MPPSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. अब छात्रों को कोचिंग के लिए अलग से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे.
भोपाल के लाल परेड मैदान में हुए यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा शुरू की जाएगी. यह सुविधा प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध होगी.
कॉलेज में ही होगी MPPSC की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कॉलेज से बाहर जाकर महंगी कोचिंग लेने की जरूरत न पड़े, इसी दिशा में यह व्यवस्था की जा रही है.
इसके साथ ही MPPSC को लेकर भी बड़ा ऐलान हुआ है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब प्रदेश में साल में दो बार MPPSC की परीक्षा कराई जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार प्रदेश स्तर पर एक अलग परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसके जरिए अलग-अलग सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा.
छात्रों को रिसर्च के लिए ज्यादा पैसे
यूथ कॉन्क्लेव में उच्च शिक्षा से जुड़े कई और ऐलान भी किए गए. कॉलेज छात्रों को मिलने वाली रिसर्च राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किया जाएगा.
इसके अलावा सरकारी कॉलेजों में AI और एडवांस कम्प्यूटिंग लैब बनाई जाएंगी. सरकार ने युवाओं के नए आइडिया और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड बनाने की भी बात कही.
नौकरी और स्किल पर भी फोकस
सरकार युवाओं को नौकरी से जोड़ने के लिए प्लेसमेंट एजेंसी तय करेगी. इसका मकसद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर दिलाना होगा.
इसके साथ ही प्रदेश में एक लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. राष्ट्रीय सेवा योजना की 500 नई इकाइयां बनाने की भी घोषणा की गई है.
छात्राओं को भी मिलेगा योजनाओं का फायदा
‘गांव की बेटी’ और ‘प्रतिभा किरण’ योजना का लाभ अब PG की छात्राओं को भी देने की बात कही गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की जरूरतों के हिसाब से योजनाओं को बेहतर बनाना चाहती है. इसके लिए उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से सीधे सुझाव भी मांगे.
युवाओं ने पूछे सवाल, CM ने दिए जवाब
यूथ कॉन्क्लेव में छात्रों ने खेती, ऑर्गेनिक फार्मिंग, स्टार्टअप और AI जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सवाल किए.
एक छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक पूरी वैल्यू चेन तैयार करने पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में मशरूम और ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों का उत्पादन भी हो रहा है.
वहीं, स्टार्टअप और तकनीक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में नॉलेज सिटी, AI सिटी और साइंस सिटी विकसित की जा रही हैं. सरकार स्टार्टअप के लिए 5 लाख रुपये तक की मदद भी दे रही है.
इस तरह यूथ कॉन्क्लेव में MPPSC की तैयारी से लेकर रोजगार, स्किल ट्रेनिंग, रिसर्च और स्टार्टअप तक युवाओं से जुड़े कई ऐलान किए गए.
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