भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार ने अगस्त 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, अगस्त में देशभर में कुल 24,23,201 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई. यह अगस्त 2025 के मुकाबले 17.51% अधिक है और किसी भी अगस्त महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।.हालांकि जुलाई 2026 की तुलना में बिक्री 6.48% कम रही.
दोपहिया और कारों की बिक्री में जोरदार बढ़ोतरी
अगस्त में दोपहिया वाहनों की बिक्री सबसे अधिक रही. कुल 17,14,610 दोपहिया वाहन बिके, जो सालाना आधार पर 19.69% की वृद्धि है. यह अगस्त महीने में दोपहिया वाहनों की अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री है.
पैसेंजर व्हीकल यानी कारों की बिक्री भी पहली बार अगस्त में 4 लाख के आंकड़े को पार कर गई. अगस्त में 4,02,398 कारों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 16.14% अधिक है. वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री 90,769 यूनिट रही, जिसमें 14.45% की वृद्धि दर्ज की गई. तीन पहिया वाहनों की बिक्री 1,22,281 यूनिट रही और इसमें 8.64% की सालाना बढ़ोतरी हुई.
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ग्रामीण भारत बना ऑटो बाजार का बड़ा सहारा
अगस्त के आंकड़ों की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीर ग्रामीण और शहरी बाजार की तुलना से सामने आती है. कुल वाहन खुदरा बिक्री में ग्रामीण बाजार की वृद्धि 19.79% रही, जबकि शहरी बाजार 15.17% बढ़ा.
कारों में यह अंतर और बड़ा रहा. ग्रामीण क्षेत्रों में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 24.99% बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में वृद्धि 10.93% रही. दोपहिया वाहनों में भी ग्रामीण बाजार 20.25% बढ़ा, जबकि शहरी बाजार की वृद्धि 19.07% रही.
इससे संकेत मिलता है कि भारत की वाहन मांग अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता और वाहन की जरूरत बढ़ रही है.
पेट्रोल के सामने पहली बार वैकल्पिक ईंधन की चुनौती
अगस्त में भारतीय कार बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. CNG, Hybrid और Electric वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.95% हो गई, जबकि पेट्रोल/एथेनॉल की हिस्सेदारी 40.85% रही.
यानी पहली बार वैकल्पिक ईंधन की संयुक्त हिस्सेदारी पेट्रोल/एथेनॉल से अधिक हो गई. हालांकि पेट्रोल अभी भी व्यक्तिगत रूप से सबसे बड़ा ईंधन बना हुआ है. अगस्त में कारों में CNG की हिस्सेदारी 25.28%, Hybrid की 9.04% और EV की 7.63% रही.
यह बदलाव बताता है कि वाहन खरीदते समय ग्राहक ईंधन की लागत और वाहन चलाने के खर्च को अधिक महत्व दे रहे हैं.
EV की बिक्री में 53% की तेजी
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. अगस्त में सभी श्रेणियों को मिलाकर 2,98,448 EV की बिक्री हुई, जो पिछले साल के अगस्त से 52.9% अधिक है.
कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी करीब 12.3% रही. दोपहिया वाहनों में EV की हिस्सेदारी 10.68% तक पहुंच गई. वहीं तीन पहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 65.30% रही. कमर्शियल वाहनों में भी EV की हिस्सेदारी बढ़कर 5.18% हो गई.
ट्रैक्टर बाजार में चिंता
जहां अधिकतर वाहन श्रेणियों में अच्छी वृद्धि रही, वहीं ट्रैक्टर बाजार कमजोर रहा. अगस्त में 87,977 ट्रैक्टर बिके, जो पिछले साल की तुलना में सिर्फ 0.84% अधिक हैं. जुलाई के मुकाबले ट्रैक्टर बिक्री में 25.03% की गिरावट आई.
FADA ने इसे मानसून से जुड़ी ग्रामीण आर्थिक चुनौतियों से जोड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार बारिश की कमी करीब 13% रही, जिसका असर कृषि से जुड़ी वाहन मांग पर पड़ रहा है।
आगे त्योहारी सीजन पर नजर
सितंबर से नवंबर का त्योहारी सीजन ऑटो बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है. FADA के सर्वे में 81.62% डीलरों ने अगले तीन महीनों में बाजार में वृद्धि की उम्मीद जताई है, जबकि 17.09% को बाजार स्थिर रहने और 1.28% को गिरावट की आशंका है.
हालांकि पैसेंजर व्हीकल डीलरों के पास करीब 38-40 दिनों का स्टॉक है, जो FADA के 21 दिन के सुझाए स्तर से काफी ज्यादा है. इसलिए आने वाले महीनों में त्योहारी मांग के साथ-साथ कंपनियों और डीलरों के लिए इन्वेंट्री प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा.
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