चंडीगढ़: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने बठिंडा जिले की मौड़ विधानसभा सीट से गैंगस्टर-से-एक्टिविस्ट बने लखविंदर सिंह उर्फ लाखा सिद्धाना को उम्मीदवार के तौर पर सामने लाया है, जिससे राज्य की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है.
कबड्डी खिलाड़ी से गैंगस्टर और फिर एक्टिविज्म तक का सफर
44 वर्षीय लाखा सिद्धाना बठिंडा जिले के सिद्धाना गांव के रहने वाले हैं. शुरुआत में एक सफल कबड्डी खिलाड़ी और छात्र नेता रहे सिद्धाना बाद के वर्षों में इलाके के एक कुख्यात गैंगस्टर के तौर पर जाने गए, जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और जबरन वसूली जैसे करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हुए.
2004 में सजा काटने के बाद उन्होंने अपना रुख ग्रासरूट सामाजिक सक्रियता की ओर मोड़ लिया और मालवा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष के तौर पर सोशल मीडिया पर एक युवा प्रतीक के रूप में उभरे.
किसान आंदोलन और लाल किला हिंसा से जुड़ा नाम
सिद्धाना 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान चर्चा में आए, जब वे अभिनेता-से-सिख एक्टिविस्ट बने दीप सिद्धू के साथ मिलकर आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बन गए थे. 26 जनवरी 2021 को दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में भी उन्हें आरोपी बनाया गया था. दिलचस्प बात यह है कि किसान आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं से उनकी ठनी रही और उन पर मंच से बोलने पर पाबंदी तक लगाई गई थी, क्योंकि आरोप था कि वे दीप सिद्धू के साथ मिलकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे.
चुनावी राजनीति में पुराना अनुभव
सिद्धाना के लिए मौड़ सीट नई नहीं है. 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के नेतृत्व वाले संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) गठबंधन के तहत इसी सीट से निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था और आम आदमी पार्टी के सुखवीर सिंह मायसरखाना से हारकर दूसरे स्थान पर रहे थे, फिर भी 28 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे.
इससे पहले 2012 में वे रामपुरा फूल सीट से पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके हैं, दिलचस्प यह है कि उस चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उनके सह-प्रतिद्वंद्वी थे.
2024 के लोकसभा चुनाव में सिमरनजीत सिंह मान की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने उन्हें बठिंडा सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां वे करीब 7.36 प्रतिशत वोट शेयर के साथ पांचवें स्थान पर रहे थे.
अब अमृतपाल सिंह की पार्टी से जुड़ाव
15 जनवरी 2026 को लाखा सिद्धाना औपचारिक रूप से अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल हुए. यह पार्टी खडूर साहिब से सांसद और पंथिक विचारधारा वाले नेता अमृतपाल सिंह के समर्थकों द्वारा बनाई गई है.
पार्टी ने जुलाई 2025 में तरनतारन उपचुनाव से अपनी पहली चुनावी पारी शुरू की थी. अब मौड़ सीट से सिद्धाना को उतारकर पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में मालवा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, जहां पंथिक और किसान दोनों तरह के मतदाताओं को साधने की कोशिश साफ नजर आती है.
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सिद्धाना जैसे विवादित लेकिन जमीनी पकड़ रखने वाले चेहरे को मैदान में उतारना अमृतपाल सिंह की पार्टी के लिए मालवा बेल्ट में अपना जनाधार तेजी से बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति मानी जा रही है.
-ममता सिंह
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