महज 20 दिनों में निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना करने वाला वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर सोमवार को बिकवाली की चपेट में आ गया. कारोबार के दौरान शेयर में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के पहली तिमाही (Q1) के कारोबारी अपडेट के बाद बाजार की उम्मीदों पर खरा प्रदर्शन नहीं होने से निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका असर शेयर पर साफ दिखाई दिया. इसका शेयर आज 2.02 रुपये टूटकर 38.50 रुपये पर बंद हुआ .
20 दिन पहले हुई थी लिस्टिंग, फिर आई तूफानी तेज़ी
वेदांता आयरन एंड स्टील की शेयर बाजार में 15 जून 2026 को लिस्टिंग हुई थी. यह कंपनी वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद स्वतंत्र इकाई के रूप में बाजार में आई. लिस्टिंग के बाद शेयर ने लगातार ऊपरी सर्किट लगाए और कुछ ही कारोबारी सत्रों में निवेशकों को 100% से अधिक का रिटर्न दे दिया. शेयर अपने लिस्टिंग मूल्य से दोगुने से भी ऊपर पहुंच गया था.
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आखिर इतनी तेज़ी क्यों आई थी?
शेयर में आई तेज रैली के पीछे कई वजहें थीं. सबसे पहला कारण था वेदांता समूह का डीमर्जर, जिसे निवेशकों ने "वैल्यू अनलॉकिंग" के रूप में देखा. अलग कंपनी बनने से कारोबार का स्वतंत्र मूल्यांकन संभव हुआ, जिससे शेयर में खरीदारी बढ़ी.
दूसरा बड़ा ट्रिगर था अज़ीम प्रेमजी समर्थित Premji Invest के फंड PI Opportunities AIF V LLP की एंट्री. फंड ने लिस्टिंग के तुरंत बाद खुले बाजार में करीब ₹102 करोड़ के शेयर खरीदे. इस बड़े संस्थागत निवेश ने बाजार का भरोसा बढ़ाया और शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली.
इसके अलावा, स्टील सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद, सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और कंपनी के स्वतंत्र कारोबार को लेकर सकारात्मक धारणा ने भी शेयर की रैली को समर्थन दिया.
अब क्यों आई गिरावट?
सोमवार को तस्वीर बदल गई. कंपनी के Q1 बिजनेस अपडेट से निवेशक खास प्रभावित नहीं हुए. हाल के दिनों में शेयर में आई तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई. बाजार विशेषज्ञ इसे फिलहाल प्रॉफिट बुकिंग और कारोबारी अपडेट पर आई निराशा का मिश्रित असर मान रहे हैं.
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी अभी शुरुआती दौर में है और इसके स्वतंत्र कारोबार का सही आकलन करने के लिए कम-से-कम एक-दो तिमाहियों के वित्तीय नतीजों का इंतजार करना चाहिए. कम समय में आई बड़ी तेज़ी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं. इसलिए केवल रैली या एक दिन की गिरावट देखकर निवेश का फैसला लेने के बजाय कंपनी के बुनियादी प्रदर्शन पर नजर रखना अधिक उचित होगा.
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"महज 20 दिनों में निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना करने वाला वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर सोमवार को बिकवाली की चपेट में आ गया. कारोबार के दौरान…"
