पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, स्थानीय नागरिक संगठन  जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर दमन का आरोप लगाया है, संगठन का दावा है कि क्षेत्र में लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है और विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है, इन घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान सरकार ने JAAC को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है.

JAAC के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने एक वीडियो संदेश जारी कर जम्मू, श्रीनगर, लद्दाख और कारगिल के लोगों से समर्थन की अपील की है. उन्होंने दावा किया कि पीओके में आम नागरिकों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधाएं पैदा की जा रही हैं. उनके अनुसार, लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और क्षेत्र के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.

आंदोलन शुरु करने की वजह ?

JAAC का कहना है कि उसका आंदोलन महंगाई, बिजली संकट और आटा-दाल जैसी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर शुरू हुआ था. संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया. कुछ मीडिया रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान 30 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया गया है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

पाकिस्तान ने क्या एक्शन लिया ?

इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने JAAC पर प्रतिबंध लगाने के साथ उसके 150 से अधिक सदस्यों को निगरानी सूची में शामिल कर लिया है. संगठन का आरोप है कि यह कदम आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से उठाया गया है. रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट समेत कई इलाकों में भारी सैन्य तैनाती की गई है. स्थानीय नेताओं का दावा है कि क्षेत्र में आने वाले वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है और राशन की आपूर्ति पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है.

वहीं, JAAC ने अपने एक नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के विरोध में 5 जुलाई को पूरे पीओके में चक्का जाम का आह्वान किया है, संगठन के नेता खालिद मजीद बांडे ने कहा कि अब सरकार के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं बची है और यह आंदोलन लोगों के अधिकारों तथा उनके भविष्य की लड़ाई बन चुका है.

 

"पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, स्थानीय नागरिक संगठन  जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्त…"