तहलका पत्रिका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने 14 सितंबर को गोवा के मापुसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया. यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें राहत देने से इनकार करने के बाद सामने आया. तेजपाल पर 2013 के एक यौन उत्पीड़न मामले में अपनी सहकर्मी के साथ बलात्कार का आरोप है. 

क्या है पूरा मामला
नवंबर 2013 में तहलका के ‘Thinkfest’ कार्यक्रम के दौरान गोवा के एक five star hotel में एक महिला पत्रकार ने तेजपाल पर लिफ्ट के भीतर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. 
इसके बाद तेजपाल को 30 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया और वे जुलाई 2014 तक हिरासत में रहे. मामले की सुनवाई 2017 में शुरू हुई और गोवा सेशंस कोर्ट ने मई 2021 में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था, यह कहते हुए कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा. 

हाईकोर्ट ने पलटा फैसला
गोवा सरकार ने बरी किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने 6 अगस्त को निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(F) (भरोसे की स्थिति में यौन शोषण), 354A (यौन उत्पीड़न) और 354B (कपड़े उतारने के इरादे से हमला) के तहत दोषी करार दिया और 10 साल की सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई. हाईकोर्ट ने सज़ा पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत
तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और सरेंडर से छूट की मांग की. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनकी ओर से पैरवी करते हुए दलील दी कि अदालत उचित मामलों में सरेंडर की शर्त हटा सकती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त के आदेश में स्पष्ट कर दिया कि अपील पर सुनवाई से पहले तेजपाल को सरेंडर करना होगा, और उन्हें तीन हफ्ते का समय दिया गया.

नॉर्थ गोवा एडिशनल सेशंस कोर्ट द्वारा अतिरिक्त समय की मांग खारिज किए जाने के बाद तेजपाल ने सोमवार, 14 सितंबर को सरेंडर करने पर सहमति जताई. सरेंडर के बाद उन्हें बार्देज़ स्थित कोलवाले जेल भेज दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने की स्थिति में तेजपाल की अपील पर 22 सितंबर को सुनवाई होगी. सरेंडर के बाद तेजपाल ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में दोषसिद्धि को चुनौती देंगे और उन्हें वहां से न्याय मिलने का भरोसा है. मामला अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी अपील पर सुनवाई की अगली तारीख पर टिका है.

 

-ममता सिंह 

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