सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी अनंत सिंह को बड़ा झटका दिया है.कोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगाते हुए 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है.साथ ही मामले की जांच चार महीने में पूरी करने के निर्देश दिए हैं.
बिहार के मोकामा से विधायक रहे अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में एक बार फिर जेल जाना पड़ सकता है.सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत मार्च 2026 में अनंत सिंह को जमानत मिली थी.अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है.
यह फैसला दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर आया है.नीरज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग की थी.अनंत सिंह ने अपनी बेटी की शादी का हवाला देते हुए सरेंडर करने से राहत मांगी थी, लेकिन अदालत ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया.
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
दुलारचंद यादव की मौत बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी.वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे.इसी दौरान उनका और अनंत सिंह के काफिले का आमना-सामना हो गया.इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और मौके पर गोलीबारी की खबर सामने आई.
शुरुआती जांच में दुलारचंद यादव को गोली लगने की बात कही गई थी.हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह वाहन की टक्कर और छाती व दिल पर लगी गंभीर चोटों को बताया गया.इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह समेत 80 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था.इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया था.
मार्च में मिली थी जमानत
इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में अनंत सिंह को जमानत दे दी थी.इसके बाद दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को भी कहा है.इस आदेश के बाद हत्याकांड की जांच और अनंत सिंह की कानूनी स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है.
"सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी अनंत सिंह को बड़ा झटका दिया है.कोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगाते हुए 1 दिसंबर तक सरेंडर कर…"













