भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सभी स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी, केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों (KRA) और अपने अधीन आने वाले सभी पंजीकृत बाजार मध्यस्थों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की तालिबान प्रतिबंध सूची में किए गए हालिया संशोधनों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है. यह आदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 51A और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
SEBI ने 5 अगस्त 2026 को जारी अपने परिपत्र में बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988 (2011) प्रतिबंध समिति ने 30 जुलाई 2026 को तालिबान प्रतिबंध सूची में शामिल पांच व्यक्तियों की प्रविष्टियों में संशोधन किया है. इन संशोधनों में पहचान संबंधी विवरण, पासपोर्ट, पता और अन्य आधिकारिक जानकारियों को अद्यतन किया गया है.
ये भी पढ़ें: विदेशी बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूत, जून में ₹1.38 लाख करोड़ जुटाएँ
किन पांच व्यक्तियों की जानकारी अपडेट हुई?
संशोधित सूची में निम्नलिखित पांच तालिबान नेताओं की प्रविष्टियां अपडेट की गई हैं-
- हमदुल्लाह नोमानी
- अब्दुल-हक वासिक
- नूर मोहम्मद साकिब
- सिराजुद्दीन हक्कानी
- गुल आगा इशाकजई
SEBI ने क्या निर्देश दिए हैं?
SEBI ने कहा है कि सभी स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, KRA और अन्य पंजीकृत मध्यस्थ अपने रिकॉर्ड और निगरानी प्रणाली को अद्यतन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को भारतीय प्रतिभूति बाजार के माध्यम से कोई वित्तीय सेवा उपलब्ध न हो. साथ ही, संदिग्ध खातों और लेनदेन की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
क्या आम निवेशकों पर पड़ेगा असर?
इस आदेश का सीधा असर आम निवेशकों पर नहीं पड़ेगा. यह मुख्य रूप से वित्तीय संस्थानों, स्टॉक ब्रोकरों, डिपॉजिटरी, म्यूचुअल फंड, KYC एजेंसियों और अन्य SEBI-नियंत्रित संस्थाओं के लिए अनुपालन (Compliance) संबंधी निर्देश है. इन संस्थानों को अपनी एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम (CFT) प्रणाली में संयुक्त राष्ट्र की संशोधित सूची को शामिल करना होगा.
डीलिस्टिंग का क्या प्रावधान है?
SEBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था अपना नाम प्रतिबंध सूची से हटवाना चाहती है, तो वह गृह मंत्रालय (MHA) के माध्यम से या सीधे संयुक्त राष्ट्र के फोकल प्वाइंट फॉर डीलिस्टिंग के समक्ष आवेदन कर सकती है.
क्या यह नया प्रतिबंध है?
नहीं. यह आदेश किसी नए व्यक्ति या संगठन पर प्रतिबंध लगाने का नहीं है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहले से प्रतिबंधित पांच व्यक्तियों के रिकॉर्ड में हुए संशोधनों को भारत के वित्तीय बाजार में लागू करने के लिए SEBI ने यह अनुपालन निर्देश जारी किया है.
ये भी पढ़ें: सेबी के SCORES पोर्टल पर, हर महीने लग रहा शिकायतों का अंबार
"भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सभी स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी, केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों (KRA) और अपने अधीन आने वाले सभी प…"
