पंजाब पुलिस ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े भगोड़े अपराधी अमृत डलम उर्फ अमृतपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत प्रत्यर्पित कराने में सफलता हासिल की है. पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि यह किसी यूरोपीय देश से पंजाब पुलिस का पहला प्रत्यर्पण है, जो संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में एक बड़ी उपलब्धि है.
पुलिस के अनुसार, अमृत डलम अक्टूबर 2024 में फर्जी पासपोर्ट के सहारे भारत से फरार हो गया था. एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और ऑपरेशन फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (OFTAEC) की टीमों ने छह महीने तक चले खुफिया-आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' के तहत उसका पता लगाया.
मोल्दोवा की स्थानीय एजेंसियों ने 24 फरवरी 2026 को उसे ओटाची सीमा से यूक्रेन में घुसने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया था.
एसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में चार सदस्यीय पुलिस टीम ने मोल्दोवा में सात दिन बिताकर प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी कीं. इसके बाद आरोपी को अजरबैजान के बाकू होते हुए 11 सितंबर को भारत लाया गया और टीम शुक्रवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमृत डलम पर पंजाब में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और जबरन वसूली सहित कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
इनमें से चार मामले सुनवाई के चरण में हैं, जबकि शेष 17 की जांच जारी है. ये मामले बटाला, गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर सहित कई जिलों में दर्ज हैं. पुलिस ने उसे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का मुख्य निशानेबाज़ बताया है.
-ममता सिंह
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