उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने बड़ा एक्शन लिया. बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया है. अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी के नियमों का पालन न करने और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं.

BSP ने कहा है कि अब अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी नहीं होगी. उन पर कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दी गई जिम्मेदारी को सही तरीके से न निभाने का भी आरोप है.

इसके अलावा राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है. 

कौन हैं अशोक सिद्धार्थ?

अशोक सिद्धार्थ उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज के रहने वाले हैं. उनका जन्म 5 फरवरी 1965 को हुआ था. पेशे से डॉक्टर रहे अशोक सिद्धार्थ लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़े रहे हैं. पार्टी संगठन में उन्होंने जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक कई जिम्मेदारियां संभालीं.

BSP ने साल 2009 में उन्हें विधान परिषद भेजा था. इसके बाद 2016 से 2022 तक वे राज्यसभा सांसद रहे. अशोक सिद्धार्थ पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, कानपुर-आगरा जोन के कोऑर्डिनेटर और कई राज्यों के प्रभारी भी रह चुके हैं.

राजनीतिक तौर पर उनकी पहचान BSP के एक बड़े चेहरे के रूप में रही है. साल 2023 में उनकी बेटी प्रज्ञा की शादी BSP प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद से हुई थी, जिसके बाद वे एक बार फिर चर्चा में आए.

हालांकि, पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता और निर्देशों की अनदेखी के आरोपों के बाद फरवरी 2025 में उन्हें BSP से निष्कासित कर दिया गया था. अब मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी से बाहर कर दिया है.

मायावती ने X पोस्ट के जरिए दी जानकारी

मायावती ने अपने X पोस्ट में आगे कहा कि सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. उन्होंने बताया कि कई बार चेतावनी देने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था.

मायावती ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ के यूपी लौटने की खबरें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, ताकि पार्टी में भ्रम की स्थिति पैदा हो और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को नुकसान पहुंचाया जा सके.

उन्होंने कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित को देखते हुए अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से BSP से निष्कासित कर दिया गया है और अब उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा.

इसके साथ ही BSP कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है. उन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. इसी वजह से उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.


मायावती का X पोस्ट

मायावती का X पोस्ट

"उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने बड़ा एक्शन लिया. बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को तत्क…"