केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों की गाड़ियों पर 300 लोगों ने ईंटों-पत्थरों के साथ कथित हमला कर दिया है. यह वारदात उस दौरान हुई, जब ईडी की टीम पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निवास पर तलाशी पूरी कर लौट रही थी. विजयन की पार्टी CPI(M) के कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगे हैं. यह तलाशी अभियान विजयन की बेटी वीणा के 2.78 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा बताया जा रहा है. तलाशी मामले में विजयन के दामाद मोहम्मद रियाज भी शामिल थे.
हालांकि एजेंसी का कहना है कि जांच वीणा के सिलसिले में की गई थी. ईडी ने कहा है कि उसे खुफिया जानकारी मिली थी कि वीणा विजयन तिरुवनंतपुरम में अपने पिता पी. विजयन के साथ रह रही हैं. इसी आधार पर उस परिसर को भी तलाशी में शामिल किया गया. ED के अनुसार, जब टीम वहां पहुंची, तब पिनाराई विजयन परिसर में पहले से मौजूद थे.
कैसे हुआ हमला
27 मई की सुबह ईडी ने केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार से जुड़े 10 परिसरों में तलाशी की थी. इसमें विजयन का तिरुवनंतपुरम स्थित किराए का मकान और कन्नूर में स्थित उनका स्थायी आवास भी शामिल था. तलाशी सुबह 7:15 बजे शुरू होकर करीब 7 घंटे तक चली थी. इस दौरान विजयन के कथित समर्थक तिरुवनंतपुरम स्थित निवास का घेराव कर नारेबाजी करने लगे.
निदेशालय ने बयान जारी कर बताया है कि, तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब ED की एक टीम बाहर निकली, तब कुछ लोगों ने ईडी की गाड़ियों पर ईंटों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया. ईडी ने इस वारदात को साजिश बताते हुए यह भी कहा है कि कुछ लोगों ने हमले की साजिश रची थी और यह कोई अचानक हुई प्रतिक्रिया नहीं थी. जिन तीन गाड़ियों में ED की टीमें थीं, उन पर हमला कर तोड़फोड़ की सुनियोजित साजिश रची गई थी. इस हमले में एक ड्राइवर की आंख में चोट लगी है.
CRPF पर भी हमला
खबरों के मुताबिक, अधिकारियों के साथ जो CRPF के जवान सफर कर रहे थे, उन पर भी हमला हुआ है. ED के बयान में यह भी स्पष्ट कहा गया है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने भी “भीड़ के खिलाफ कोई आक्रामकता” नहीं दिखाई, फिर भी इस सुनियोजित साजिश के तहत हमला किया गया.
क्या है पूरा मामला
तलाशी का पूरा मामला विजयन की बेटी वीणा टी की कंपनी के लेनदेन से जुड़ा हुआ है. दरअसल, वीणा टी और उनकी कंपनी Exalogic Solutions पर आरोप है कि उन्होंने Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) से करोड़ों रुपये कंसल्टेंसी फीस के नाम पर लिए.
जबकि जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस शुल्क के बदले कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई. सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि यह भुगतान “मासिक कोटा” की तरह किया गया और इसमें वित्तीय अनियमितताओं और फ्रॉड के संकेत मिलते हैं. इसी आधार पर ईडी अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है.
वहीं दूसरी तरफ वीणा की कंपनी ने जिस CMRL से शुल्क लिया, वह एक सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनी है. लेकिन मसला यह है कि इस कंपनी में 31 मार्च 2023 तक 48.75 प्रतिशत हिस्सेदारी आम निवेशकों और 13.41 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार की कंपनी Kerala State Industrial Development Corporation की भी थी.
ईडी के आरोप
ईडी के अनुसार, जब जनवरी 2019 में आयकर विभाग ने CMRL पर छापा मारा था, तब लगभग 130 करोड़ रुपये तक के फर्जी खर्चे निकलकर सामने आए थे. CMRL ने आयकर निपटान आयोग (ITSC) के सामने इन फर्जी खर्चों को स्वीकार भी किया था. ITSC ने अपने आदेश में कहा था कि कंपनी के अधिकारियों ने खुद माना कि कंपनी द्वारा कई लोगों को रिश्वत दी गई है.
रिश्वत मामले में बुधवार को जो कार्रवाई हुई, उसके पीछे केरल हाई कोर्ट का हाल ही में आया एक फैसला शामिल है. दरअसल, कोर्ट ने बीते रोज CMRL-Exalogic मामले की जांच पर लगी रोक को हटा दिया था. रोक हटते ही एजेंसी तलाशी अभियान में Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) और वीणा विजयन से जुड़ी 10 जगहों पर तलाशी के लिए पहुंच गई.
इन जगहों में CMRL के मालिक एस. एन. ससिधरन कार्था और शरण एस. कार्था के साथ वीणा विजयन और उनकी कंपनी Exalogic Solutions Pvt Ltd से जुड़े परिसर शामिल थे. यह छापेमारी केरल के कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर और तिरुवनंतपुरम के साथ कर्नाटक के बेंगलुरु तक की गई थी.
विजयन की सफाई
वीणा और पिनाराई विजयन ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है. साथ ही उनका कहना है कि सारे भुगतान वैध कारोबारी समझौते के तहत किए गए थे.
केरल पुलिस ने केस किया दर्ज
इस वारदात के बाद केरल पुलिस हरकत में आ गई है. पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 300 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. मामले में अवैध जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, रास्ता रोकना और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल की गई हैं. साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला और हत्या के प्रयास (Section 109 BNS) को भी शामिल किया गया है.
हालांकि, ईडी का कहना है कि CMRL रिश्वत मामले में तलाशी जारी रहेगी.
"केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों की गाड़ियों पर 300 लोगों ने ईंटों-पत्थरों के साथ कथित हमला कर दिया है.…"
