जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में बड़ा सुधार किया है. JCR ने भारत की लॉन्ग टर्म फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी इश्यूअर रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है. एजेंसी ने भारत की रेटिंग का आउटलुक Stable रखा है.
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं धीमी ग्रोथ, महंगी ऊर्जा और वैश्विक अनिश्चितता जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं. JCR के मुताबिक भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और बेहतर होती वित्तीय व्यवस्था ने रेटिंग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.
करीब 7% की आर्थिक ग्रोथ बनी बड़ी ताकत
JCR ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 7% की तेज रफ्तार से बढ़ रही है. इसमें मजबूत घरेलू खपत यानी देश के अंदर लोगों की खरीदारी और सरकार के बड़े निवेश की अहम भूमिका है. एजेंसी के अनुसार FY2026 में भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.7% रही.
सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार किया जा रहा खर्च भी अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना गया है. खास बात यह है कि बड़े पूंजीगत खर्च के बावजूद सरकार का राजकोषीय घाटा कम हुआ है. FY2026 में यह करीब GDP के 4.4% तक आने का अनुमान बताया गया है.
ये भी पढ़ें: ITR Refund आना हो गया है शुरू, ऐसे पता करें कहां अटका है आपका पैसा
बैंकिंग सेक्टर में भी बड़ा सुधार
रेटिंग बढ़ाने के पीछे भारत के बैंकिंग सेक्टर की बेहतर स्थिति भी एक बड़ी वजह है. JCR के मुताबिक मार्च 2026 के अंत तक बैंकों का Gross NPA Ratio घटकर 1.8% रह गया. यानी बैंकों के फंसे हुए कर्ज का अनुपात पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है.
JCR ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, GST और सरकार की उन नीतियों का भी उल्लेख किया है, जिनसे उत्पादकता और आर्थिक विकास की नींव मजबूत हुई है.
विदेशी निवेशकों के लिए क्यों अहम?
किसी देश की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग उसकी कर्ज चुकाने की क्षमता और आर्थिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण संकेत होती है. रेटिंग में सुधार से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच भारत की साख मजबूत हो सकती है. इससे आगे चलकर भारतीय कंपनियों और सरकार के लिए विदेशी बाजार से फंड जुटाने की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना रहती है. हालांकि, रेटिंग बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि तुरंत ब्याज दर या विदेशी निवेश में निश्चित रूप से बदलाव होगा.
दूसरी एजेंसियों की रेटिंग क्या है?
JCR के इस फैसले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दूसरी बड़ी रेटिंग एजेंसियों की भारत को दी गई रेटिंग अभी इससे नीचे है. S&P Global ने अगस्त 2026 में भारत की रेटिंग BBB पर Stable Outlook के साथ बरकरार रखी थी, जबकि Fitch ने भी भारत की रेटिंग BBB- पर Stable Outlook के साथ कायम रखी है.
इस तरह JCR का A- अपग्रेड भारत की आर्थिक स्थिति के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन देश के सामने ऊंचा सरकारी कर्ज, राजकोषीय दबाव और प्रति व्यक्ति आय जैसे मुद्दे अभी भी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं.
"जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में बड़ा सुधार किया है. JCR ने भारत की लॉन्…"
