बिहार के जमुई में कक्षा 10 के दो नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर कुछ लोगों द्वारा बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है. पुलिस ने पुष्टि की है कि घटना 19 सितंबर, शनिवार को शाम 6 से 7 बजे के बीच हुई. इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाकी की पहचान की कोशिश जारी है.
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चे जमुई के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं. वह शनिवार शाम स्कूटी से जमुई-लखीसराय मार्ग पर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वे कोचिंग से लौट रहे थे, जबकि कुछ में बताया गया है कि वे मड़वा पहाड़ से लौट रहे थे. घटनास्थल को जमुई और लखीसराय की सीमा के पास बताया जा रहा है.
वीडियो में दिखता है कि कुछ लोग बच्ची के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और उसे कुछ दूरी तक उठाकर ले जाते हैं, जब तक उसका साथी उसे रोक नहीं लेता. दोनों बच्चे हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाते दिख रहे हैं. बताया गया है कि विरोध करने पर लड़के के साथ भी मारपीट की गई. मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया.
‘छिटपुट घटना’ वाले बयान पर सवाल
इस मामले पर जब जदयू के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि छिटपुट घटना होती है तो सरकार संवेदनशील है. नाबालिग बच्चों के साथ सरेआम हुई ऐसी वारदात को 'छिटपुट' कहना पीड़ित परिवार और आम लोगों की चिंता को हल्का करना है. जिस घटना ने इतने लोगों को झकझोर दिया, उसे इस तरह टालने वाला बयान सरकार की संवेदनशीलता के दावे पर खुद सवाल खड़े करता है.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस को शुरू में इस घटना की कोई शिकायत नहीं मिली थी. वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने खुद संज्ञान लिया, पीड़ितों की पहचान की और उनके बयान दर्ज किए. सदर थाने में पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज हुआ है.
एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है. उनके अनुसार पीड़ितों की ओर से पहले कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई थी. पुलिस के संपर्क करने पर उन्होंने आवेदन दिया, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज हुई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार की निगरानी में विशेष जांच शुरू की गई है.
महिला आयोग और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है. सोशल मीडिया पर लोग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा से जोड़कर सरकार पर भी सवाल उठाए हैं.
अब आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता और हर आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है. पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और आरोपपत्र की प्रक्रिया पर अब सबकी नज़र रहेगी.
-ममता सिंह
"बिहार के जमुई में कक्षा 10 के दो नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर कुछ लोगों द्वारा बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूर…"
