नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बढ़ते विरोध के बीच केंद्र सरकार अब बैकफुट से निकलकर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. सड़क से लेकर संसद तक उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभालते हुए युवाओं को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी कर कहा कि युवाओं का भविष्य और उनकी भलाई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने साफ किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.

पीएम मोदी ने बताया कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसके अलावा उन्होंने संबंधित विभागों को मामले में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं.

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प्रधानमंत्री का एक्स पोस्ट 

‘पेपर लीक छोटी बात नहीं’, पीएम मोदी ने वीडियो संदेश से छात्रों को दिया भरोसा

गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले पर सरकार का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं.

प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह थी कि किसी भी छात्र का एक साल बर्बाद न हो, इसलिए प्रभावित परीक्षाओं को जल्द दोबारा आयोजित कराया गया और परिणाम भी जारी किए गए.

पीएम मोदी ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर अधिकारियों को तुरंत काम करने के निर्देश दिए गए थे. अधिकारियों ने देर रात तक काम कर नए कानून का ड्राफ्ट तैयार किया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

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प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश 

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल

पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक बदलाव भी किए हैं. सरकार ने वरिष्ठ IAS ऑफिसर नरेश गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है.

वहीं, विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है. इस बदलाव को परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक स्तर पर सुधार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत, 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन

नीट पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने एक और बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12:40 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की.

केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म किया. वांगचुक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे.

सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाने का फैसला किया है.

सोनम वांगचुक की तीन मांगों पर सरकार ने दिखाई सहमति

सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

पहली मांग: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

दूसरी मांग: संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा की जाएगी, ताकि इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके.

तीसरी मांग: नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी.

अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की तरफ से कोई तत्काल आश्वासन नहीं मिला है. 

संसद के दूसरे हफ्ते में आ सकता है नया कानून, 

पेपर लीक रोकने के लिए तैयार किए गए नए कानून के ड्राफ्ट पर अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी. सरकार की कोशिश है कि सहयोगी दलों के सुझाव लेने के बाद संसद सत्र के दूसरे हफ्ते में इस विधेयक को दोनों सदनों से जल्द पारित कराया जाए.

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि कैबिनेट बैठक में पेपर लीक मामलों पर और सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा होगी.

हालांकि, उन्होंने वीडियो में सीधे तौर पर नए फैसलों का खुलासा नहीं किया है. इसके बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदमों पर टिकी हुई है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कौन से बड़े फैसले लिए जाते हैं.

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