दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर कैंपस में हलचल तेज हो गई है. नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ होने लगी है. उम्मीदवारों की अंतिम सूची कल, 11 सितंबर को जारी की गई .

इसके बाद छात्र संगठन अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे. इस बार डूसू चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को होगा. वहीं, 19 सितंबर को मतगणना की जाएगी.

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख के दौरान नॉर्थ कैंपस में छात्रों और समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली. अलग-अलग छात्र संगठनों के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जुटे रहे.

ABVP ने घोषित किए उम्मीदवार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने डूसू चुनाव के लिए अपने प्रमुख उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.

अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को मैदान में उतारा गया है. उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ईशू मौर्या को दी गई है.

वहीं, रिया छावड़ी सचिव पद पर चुनाव लड़ेंगी. सह-सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है.

AAP के छात्र संगठन ने भी उतारे प्रत्याशी

आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ASAP ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. अध्यक्ष पद के लिए अश्मित कुमार पवार को प्रत्याशी बनाया गया है.

वहीं, सचिव पद के लिए पंकज कुमार चुनाव लड़ेंगे.

NSUI ने भी जारी की उम्मीदवारों की सूची

कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने भी अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं.

अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया गया है. वीर छत्रथ उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ेंगे.

नम्रता चौधरी सचिव पद की उम्मीदवार हैं. वहीं, गोपाल चौधरी सह-सचिव पद के लिए चुनाव मैदान में होंगे.

सुबह 8 से रात 8 बजे तक होगा प्रचार

डूसू चुनाव में प्रचार को लेकर भी विश्वविद्यालय ने नियम तय किए हैं. उम्मीदवार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही प्रचार कर सकेंगे.

प्रचार के दौरान प्रत्याशी के साथ अधिकतम चार छात्र ही रह सकेंगे. प्रिंटेड पोस्टर, पर्चे और अन्य छपी हुई प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर रोक रहेगी.

उम्मीदवार केवल हाथ से बनाए पोस्टर का इस्तेमाल कर सकेंगे. इन्हें भी विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही लगाया जा सकेगा.

प्रचार में इन चीजों पर रहेगी पाबंदी

चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर और वाहनों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. जानवरों के जरिए प्रचार भी नहीं किया जा सकेगा.

इसके अलावा किसी किरदार या पोशाक को मैस्कॉट के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. विश्वविद्यालय या कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की जाएगी.

वेबसाइट या फेसबुक पेज को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में भी संबंधित उम्मीदवार और उसके समर्थकों पर कार्रवाई हो सकती है.

नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है.

मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पर रोक

मतदान के दिन भी कई नियम लागू रहेंगे. मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा.

मतदाताओं को पैसे देना या डराना-धमकाना भी प्रतिबंधित रहेगा. किसी दूसरे छात्र के नाम पर वोट डालने की भी अनुमति नहीं होगी.

मतदान खत्म होने से 24 घंटे पहले सार्वजनिक बैठकें करने पर भी रोक रहेगी. इसके अलावा मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराए जा सकेंगे.

नियमों का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है. उसकी उम्मीदवारी या जीती हुई सीट तक रद्द की जा सकती है. विश्वविद्यालय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.

अब सभी की नजरें उम्मीदवारों की अंतिम सूची और इसके बाद शुरू होने वाले चुनाव प्रचार पर हैं.

 

"दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर कैंपस में हलचल तेज हो गई है. नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ …"