देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताज़ा घटना दक्षिण दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर के पीछे स्थित पार्क इलाके की है, जहां सोमवार शाम एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया. 
घटना में शामिल आरोपियों ने पीड़िता और उसके साथी को डराने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताया, जिसके बाद इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर तीखी चर्चा शुरू हो गई है.

क्या है पूरा मामला?
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित नाबालिग लड़की अपने एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन करने पहुंची थी. दर्शन के बाद दोनों मंदिर के पीछे बने पार्क की ओर टहलने चले गए. शाम करीब 7:30 बजे, 25 से 30 साल की उम्र के तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया और डराना-धमकाना शुरू कर दिया.

आरोपियों में से एक ने लड़की के दोस्त को जबरन पकड़कर एक तरफ रोक रखा, जबकि बाकी आरोपियों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.

पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम सक्रिय हुई और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की. अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस का आरोपियों से सामना हुआ, जहां थोड़ी देर चली गोलीबारी के बाद एक मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया. गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है, वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं. बाकी फरार सह-आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

दिल्ली में हाल की अन्य दर्दनाक घटनाएं
कालकाजी की यह घटना अकेली नहीं है. बीते कुछ ही दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हुई बर्बर वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • स्वरूप नगर कांड (13 सितंबर): कुशक रोड के पास एक खेत से नाबालिग लड़की का शव मिला था. जांच में सामने आया कि गैंगरेप के बाद उसकी हत्या की गई. 50 से अधिक CCTV फुटेज खंगालने और एक संदिग्ध टेम्पो का पता लगाने के बाद पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया.
  • चलती बस में दुष्कर्म: स्वरूप नगर की घटना से कुछ दिन पहले ही दिल्ली में एक चलती सार्वजनिक बस में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जिसने सार्वजनिक परिवहन में महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा किया.

NCRB आंकड़े और दिल्ली पुलिस की 2025 रिपोर्ट
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के पूरे देश और दिल्ली के 2025 के विस्तृत आंकड़े अभी आधिकारिक प्रक्रिया के तहत संकलित हो रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस द्वारा जनवरी 2026 में जारी वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 और 2024 की तुलना में 2025 में महिलाओं के खिलाफ दर्ज कुल मामलों (जैसे दुष्कर्म, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा) में लगभग 5% से 8% की गिरावट दर्ज हुई है. बलात्कार से जुड़े मामलों में भी कमी बताई गई है.

पुलिस का दावा है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में उनका सॉल्विंग रेट 95% से अधिक रहा है, यानी लगभग हर मामले में आरोपियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया.

वहीं NCRB के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, देश के 19 प्रमुख महानगरों की सूची में महिलाओं के खिलाफ अपराध और बलात्कार के मामलों में दिल्ली अब भी शीर्ष पर बनी हुई है.

गिरते आंकड़े, बढ़ता डर
कालकाजी, स्वरूप नगर और चलती बस में हुई ये लगातार घटनाएं यह दिखाती हैं कि केवल आंकड़ों में गिरावट दर्ज होना ज़मीनी स्तर पर महिला सुरक्षा की गारंटी नहीं है. दिल्ली जैसे बड़े महानगर में पार्क, सुनसान इलाके और सार्वजनिक वाहन आज भी महिलाओं और लड़कियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं होते.

 

-ममता सिंह 

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