क्रिप्टो बाजार में मुनाफे की कहानियां अक्सर सुर्खियां बनती हैं, लेकिन इसके पीछे एक ऐसी सच्चाई भी है जिस पर कम चर्चा होती है. दुनिया भर के क्रिप्टो एक्सचेंजों पर हर दिन औसतन 40 से 50 करोड़ डॉलर (400–500 मिलियन डॉलर) की लिवरेज ट्रेडिंग पोज़ीशन लिक्विड हो जाती हैं.

भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग ₹3,400 करोड़ से ₹4,300 करोड़ प्रतिदिन के बराबर बैठती है. यह रकम किसी हैकिंग या चोरी की नहीं होती, बल्कि उन ट्रेडर्स की होती है जिनकी लिवरेज पोज़ीशन बाजार के विपरीत जाने पर एक्सचेंज द्वारा अपने-आप बंद कर दी जाती है.

क्या होती है क्रिप्टो लिक्विडेशन?

क्रिप्टो फ्यूचर्स और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में निवेशक कम पूंजी के साथ बड़ी ट्रेड करने के लिए Leverage का उपयोग करते हैं. उदाहरण के लिए, यदि किसी ट्रेडर के पास ₹10,000 हैं और वह 10x लीवरेज लेता है, तो वह ₹1 लाख की पोजीशन खोल सकता है.

लेकिन यदि बाजार उसकी उम्मीद के विपरीत चला और नुकसान तय सीमा तक पहुंच गया, तो एक्सचेंज अपनी सुरक्षा के लिए उस पोजीशन को स्वतः बंद कर देता है. इसी प्रक्रिया को लिक्विडेशन कहा जाता है. यानी कई बार निवेशक को नुकसान रोकने का मौका भी नहीं मिलता और उसकी पूरी मार्जिन राशि खत्म हो जाती है.

ये भी पढ़ें: आरबीआई की विशेष योजना से भारत में आए 40.8 अरब डॉलर, जानिए इसका आपकी जेब पर क्या असर होगा

सामान्य दिनों में कितना पैसा डूबता है?

बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव के दौरान रोजाना औसतन 400 से 500 मिलियन डॉलर की पोज़ीशन लिक्विड हो जाती हैं. हालांकि यह आंकड़ा स्थिर नहीं रहता. यदि बाजार शांत है तो लिक्विडेशन कम हो सकती है, जबकि तेज गिरावट या तेजी के दौरान यह कई गुना बढ़ जाती है.

जब बाजार टूटता है, तब अरबों डॉलर हो जाते हैं साफ

क्रिप्टो बाजार में बड़ी खबर, भू-राजनीतिक तनाव, नियामकीय फैसले या किसी बड़े एक्सचेंज के संकट के समय लिक्विडेशन अचानक बढ़ जाती है. ऐसे दिनों में 1 से 3 अरब डॉलर की पोज़ीशन का लिक्विड होना असामान्य नहीं माना जाता. कई बार यह आंकड़ा 10 अरब डॉलर से भी ऊपर पहुंच चुका है.

इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो लिक्विडेशन

अक्टूबर 2025: अब तक की सबसे बड़ी तबाही

क्रिप्टो इतिहास की सबसे बड़ी दर्ज लिक्विडेशन अक्टूबर 2025 में देखने को मिली. अमेरिका-चीन टैरिफ़ तनाव और अत्यधिक लिवरेज के बीच लगभग 19.3 अरब डॉलर की ट्रेडिंग पोज़ीशन केवल 24 घंटे में लिक्विड हो गई. लाखों ट्रेडर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

अप्रैल 2021: Coinbase लिस्टिंग के बाद बड़ा झटका

Coinbase की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की. इसके चलते बाजार में तेज गिरावट आई और लगभग 10.1 अरब डॉलर की पोजीशन लिक्विड हो गई.

मई 2021: चीन की कार्रवाई से मची हलचल

जब चीन ने क्रिप्टो ट्रेडिंग और माइनिंग पर सख्ती की, तो बिटकॉइन समेत पूरा बाजार टूट गया. इस दौरान लगभग 8.6 से 9 अरब डॉलर की लिवरेज पोज़ीशन खत्म हो गई.

Terra-LUNA संकट (2022)

TerraUSD (UST) का डॉलर से जुड़ा मूल्य टूटने और LUNA टोकन के लगभग शून्य पर पहुंचने से पूरे बाजार में घबराहट फैल गई. इस घटना में लगभग 1.6 अरब डॉलर की पोजीशन लिक्विड हुई.

FTX एक्सचेंज का पतन

नवंबर 2022 में दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक FTX के दिवालिया होने से बाजार में भरोसे का संकट पैदा हुआ. इस दौरान भी लगभग 1.6 अरब डॉलर की पोजीशन लिक्विड हुई और बिटकॉइन कई वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गया.

कोविड-19 का ब्लैक थर्सडे

मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ क्रिप्टो बाजार भी बुरी तरह टूट गया. केवल एक दिन में लगभग 1.2 अरब डॉलर की पोजीशन लिक्विड हो गई.

लिक्विडेशन सबसे ज्यादा किसे प्रभावित करती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे अधिक नुकसान उन ट्रेडर्स को होता है जो 20x, 50x या 100x जैसे अत्यधिक लीवरेज का उपयोग करते हैं. बाजार में केवल 1–5% की कीमत में बदलाव भी उनकी पूरी पूंजी समाप्त कर सकता है. इसके अलावा, बिना स्टॉप-लॉस के ट्रेड करने वाले और सोशल मीडिया के प्रभाव में जल्दबाजी में निवेश करने वाले निवेशकों पर भी इसका सबसे अधिक असर पड़ता है.

क्या स्पॉट निवेशकों को भी डरने की जरूरत है?

स्पॉट निवेश और लिवरेज ट्रेडिंग में बड़ा अंतर है. यदि आपने केवल बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टो करेंसी को खरीदकर रखा है, तो कीमत गिरने पर आपके निवेश का मूल्य कम होगा, लेकिन आपकी होल्डिंग अपने-आप समाप्त नहीं होगी. वहीं लिवरेज ट्रेडिंग में छोटी-सी गिरावट भी आपकी पूरी पूंजी को खत्म कर सकती है.

निवेशकों के लिए क्या है सीख?

क्रिप्टो बाजार में बड़े मुनाफे की संभावना जितनी आकर्षक है, उतना ही बड़ा जोखिम लिवरेज ट्रेडिंग में छिपा हुआ है. इसलिए निवेशकों को अत्यधिक लिवरेज लेने से बचना चाहिए, स्टॉप-लॉस का उपयोग करना चाहिए और केवल उतनी ही राशि जोखिम में डालनी चाहिए, जिसे खोने की क्षमता वे रखते हों.

 

 

"क्रिप्टो बाजार में मुनाफे की कहानियां अक्सर सुर्खियां बनती हैं, लेकिन इसके पीछे एक ऐसी सच्चाई भी है जिस पर कम चर्चा होती है. दुनिया भर के क्…"