चंडीगढ़: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने जा रही है. पार्टी 18 से 30 सितंबर तक 12 दिवसीय पंजाब यात्रा निकालने जा रही है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन प्रमुख आकर्षण होंगे.

यात्रा 18 सितंबर को राज्य के चार अलग-अलग स्थानों से एक साथ शुरू होगी और इसका समापन जालंधर के एक मंदिर में होगा. पार्टी नेताओं के अनुसार इन चार शुरुआती स्थानों का चयन जानबूझकर धार्मिक आस्था, सैन्य शौर्य और भाजपा की वैचारिक विरासत को आपस में जोड़ने के लिए किया गया है.

चार पड़ावों की प्रतीकात्मक अहमियत
पहला जत्था तलवंडी साबो स्थित तख्त दमदमा साहिब से रवाना होगा, जो सिखों के पांच तख्तों में शुमार है. दूसरा जत्था फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगा, जिसका संबंध गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों की शहादत से है. तीसरी यात्रा फाजिल्का के वीर भूमि स्मारक से निकलेगी, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की एक अहम लड़ाई से जुड़ा स्थान है. चौथी यात्रा पठानकोट के पास लखनपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक से आरंभ होगी, यही वह जगह है जहां जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया गया था.

यात्रा का औपचारिक नाम 13 सितंबर को होने वाली पार्टी की कोर कमेटी बैठक में तय किया जाएगा, और विस्तृत कार्यक्रम अभी तैयार किया जा रहा है.

अकेले 117 सीटों पर लड़ने की तैयारी
इस यात्रा को 2027 चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है, और प्रदेश नेतृत्व ने दोहराया है कि शिरोमणि अकाली दल के साथ किसी गठबंधन की संभावना नहीं है.

प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों और संगठन महामंत्री श्रीनिवासुलु लगातार बैठकें कर यात्रा के रूट, स्थानीय व्यवस्थाओं और विभिन्न पड़ावों पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को अंतिम रूप दे रहे हैं. भाजपा के लिए यह यात्रा संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के साथ-साथ अकेले मैदान में उतरने का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है.

 

-ममता सिंह 

"चंडीगढ़: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने जा रही है. पार्टी 18 से…"