अगर आज आप पैसे जमा करने, निकालने या चेक जमा करने बैंक शाखा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो रुकिए! आज यानी 11 सितंबर 2026 को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के बैंकों में कामकाज ठप है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर लाखों बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक-दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं.

लेकिन सवाल यह उठता है कि डिजिटल दौर में भी बैंक कर्मचारियों को सड़कों पर क्यों उतरना पड़ा? इस पूरे आंदोलन के केंद्र में है 5-डे बैंकिंग (5-Day Banking Week) की लंबे समय से अटकी मांग और कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस.

5-डे बैंकिंग का पेच: सहमति के बाद भी क्यों अटका है फैसला?

बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी मांग सोमवार से शुक्रवार तक 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है. 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौता मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनियनों के बीच सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बन गई थी. 

कामकाजी घंटों की भरपाई के लिए कर्मचारियों ने रोज 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव भी दिया है. समझौता होने के ढाई साल बाद भी केंद्र सरकार (वित्त मंत्रालय) से औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है. इसी प्रशासनिक देरी से कर्मचारियों में भारी असंतोष है.

ये भी पढ़ें: GDP 7.8% लेकिन Sensex-Nifty में गिरावट: अर्थव्यवस्था मजबूत, फिर शेयर बाजार क्यों डरा हुआ है?

पेंशन, नई भर्ती और PLI पर भी नाराजगी

5-डे बैंकिंग के अलावा यूनियनों ने तीन और बड़े मुद्दों पर मोर्चा खोला है:

पेंशन अपडेशन: बढ़ती महंगाई को देखते हुए पुराने और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन की मांग.

कर्मचारियों की भारी कमी: सरकारी बैंकों में नई भर्तियां न होने से मौजूदा स्टाफ पर काम का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे ग्राहक सेवा भी प्रभावित हो रही है.

PLI व्यवस्था की समीक्षा: परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के वितरण में पारदर्शिता की मांग ताकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले क्लर्क और अधिकारियों को भी उनका वाजिब हक मिले.

लगातार 3 दिन बैंक बंद: ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?

आज 11 सितंबर (शुक्रवार) की हड़ताल के ठीक बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है. यानी अगले तीन दिनों तक बैंकों की शाखाओं में काम नहीं होगा.

क्लीयरेंस हाउस बंद रहने से कारोबारियों के चेक अटकेंगे, जिससे कैश फ्लो प्रभावित हो सकता है. 

लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से शहरी व ग्रामीण इलाकों के एटीएम में कैश खत्म होने का जोखिम रहेगा. राहत की बात यह है कि UPI, NEFT, RTGS, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स (जैसे SBI YONO) बिना रुकावट काम करते रहेंगे.

क्या HDFC और ICICI जैसे प्राइवेट बैंक भी बंद हैं?

यह हड़ताल मुख्य रूप से SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और कैनरा बैंक जैसे सरकारी एवं ग्रामीण बैंकों में है. HDFC, ICICI और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक सामान्य रूप से खुले हैं. हालांकि, सरकारी बैंकों से चेक प्रोसेसिंग या इंटर-बैंक ट्रांसफर में निजी बैंकों के ग्राहकों को भी थोड़ी देरी झेलनी पड़ सकती है.

28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी

UFBU ने संकेत दिया है कि अगर सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच मांगों को लेकर समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है. यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल और मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है.

अब सरकार के फैसले पर नजर

बैंक कर्मचारियों के लिए 5-डे बैंकिंग का मुद्दा अब सिर्फ कामकाजी दिनों में बदलाव तक सीमित नहीं रह गया है. यूनियनों के लिए यह वर्क-लाइफ बैलेंस, कर्मचारियों के मनोबल और बैंकिंग सेक्टर में काम करने की परिस्थितियों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है. 

अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और 5-डे बैंकिंग समेत अन्य मांगों पर कोई ठोस फैसला कब लिया जाता है.

"अगर आज आप पैसे जमा करने, निकालने या चेक जमा करने बैंक शाखा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो रुकिए! आज यानी 11 सितंबर 2026 को देशभर के सार्वजनिक…"