भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में अगस्त 2026 के दौरान यात्री आवाजाही में बढ़ोतरी दर्ज की गई . देश के 637 शहर-जोड़ी पर कुल 1,21,26,478 यात्रा दर्ज हुए. जुलाई 2026 में यह आंकड़ा 1,19,99,411 था. इस तरह अगस्त में घरेलू यात्री आवाजाही में करीब 1.06% की बढ़ोतरी हुई.

दिल्ली-मुंबई सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में

अगस्त में देश के प्रमुख महानगरों के बीच हवाई यातायात मजबूत बना रहा. दिल्ली-मुंबई मार्ग पर दोनों दिशाओं को मिलाकर करीब 4.93 लाख यात्री गतिविधियाँ दर्ज किए . बेंगलुरु-मुंबई मार्ग पर भी यात्री आवाजाही काफी अधिक रही. अगस्त में बेंगलुरु से मुंबई 1,54,509 और मुंबई से बेंगलुरु 1,50,802 यात्री गतिविधियाँ  दर्ज हुए. दोनों दिशाओं को मिलाकर कुल 3,05,311 यात्री गतिविधियाँ  रहे.

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बेंगलुरु-पुणे और चेन्नई-दिल्ली भी बड़े रूट

बेंगलुरु-पुणे मार्ग पर अगस्त में कुल 1,77,456 यात्री गतिविधियाँ  दर्ज हुए. वहीं चेन्नई-दिल्ली मार्ग पर यह आंकड़ा 1,79,925 रहा. चेन्नई से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या 92,185, जबकि दिल्ली से चेन्नई जाने वाले यात्रियों की संख्या 87,740 रही. इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े शहरों के बीच हवाई कनेक्टिविटी घरेलू passenger traffic का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

दिल्ली-हैदराबाद मार्ग पर 2.47 लाख से ज्यादा यात्री

दिल्ली-हैदराबाद मार्ग पर भी अगस्त में भारी यात्री आवाजाही रही. दिल्ली से हैदराबाद 1,19,362 और हैदराबाद से दिल्ली 1,28,249 यात्री गतिविधियाँ  दर्ज हुए. दोनों दिशाओं को मिलाकर कुल 2,47,611 यात्री गतिविधियाँ  रहे.

यात्री बढ़े, लेकिन एयर फ्रेट घटा

अगस्त में यात्री ट्रैफ़िक बढ़ने के बावजूद हवाई माल ढुलाई में गिरावट दर्ज की गई. जुलाई में कुल फ्रेट 74,619.52 टन था, जो अगस्त में घटकर 73,535.18 टन रह गया. यानी  माल ढुलाई गतिविधियों  में करीब 1.45% की कमी आई. इससे अगस्त में यात्री और कार्गो ट्रैफ़िक के बीच अलग-अलग रुझान देखने को मिलता है. 

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