दुबई में खेला जा रहा महिला एशिया कप अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. भारत और बांग्लादेश के बीच हुए पहले सेमीफाइनल में भारत को जीत मिली. बांग्लादेश के खिलाफ इस जीत के साथ ही भारत अब फाइनल में पहुंच गया है. भारत के इस जीत के सबसे बड़े सुत्रधार रही शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा. दोनों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत एशिया कप के फाइनल में पहुंचा. भारत ने 10वीं बार एशिया कप के फाइनल में जगह बनाई है.
लड़खड़ाती बैटिंग को शेफाली का साथ
बांग्लादेश के निमंत्रण पर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में बड़ा झटका लगा. सुल्ताना खातून के ओवर में स्मृति ने बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में शोरना अक्तर को कैच थमा बैठीं. 9 रन पर पहला विकेट खोने के बाद बैटिंग करने आई प्रतिका रावल ने शेफाली वर्मा के साथ मिलकर पारी को संभाला. दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए सधी हुई साझेदारी हुई. 44 गेंदों में दोनों ने 50 रन बनाए. भारत की तरफ से कई और छोटी साझेदारियां हुईं.
एक तरफ से भारत अपने विकेट गंवाते जा रहा था, तो दूसरी ओर शेफाली वर्मा अपने पांव गड़ाए खड़ी थीं. शेफाली वर्मा ने 40 गेंदों में 64 रनों की बेहतरीन पारी खेली. उनके अलावा प्रतिका रावल ने 20, कप्तान हरमनप्रीत ने 24, रिचा घोष ने 21 रन की पारी खेली. भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 149 रन बनाए.
बांग्लादेश के चीतों को भारत की शेरनियों ने घेरा
150 रन का पीछा करने उतरी बांग्लादेश कभी भी इस पोजीशन में नहीं दिखी कि वह मैच जीत सके. बांग्लादेश के हार का सबसे बड़ा कारण था धीमी शुरुआत. भारत की कसी हुई गेंदबाजी के आगे बांग्लादेशी बल्लेबाज बेबस नजर आए. नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और बांग्लादेश यह मैच 40 रन से हार गया.
भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए. वहीं नंदनी शर्मा को 2 विकेट मिले. इनके अलावा श्री चरणी और प्रेमा रावत को 1-1 विकेट मिला. श्री चरणी एक विकेट लेते ही T-20I में भारत की तरफ से सबसे तेज 50 विकेट लेने वाली खिलाड़ी बन गई हैं. उन्होंने 29 मैचों में 50 विकेट पूरे किए. भारत अब 13 सितंबर को फाइनल में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल जीतने वाली टीम से भिड़ेगा.
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