रायपुर में खेले गए तीसरे मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को सीरीज के आखिरी और तीसरे मैच में बड़े अंतर से हरा दिया. मैच की हीरो रहीं भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर. उन्होंने अपने बल्ले से जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की खूब खबर ली. भारत ने टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने का निर्णय किया. भारत के बल्लेबाजों ने इस फैसले को बिल्कुल सही साबित करते हुए जिम्बाब्वे के सामने एक बड़ा टोटल खड़ा किया. जिम्बाब्वे उस टार्गेट को चेज नहीं कर पायी और 92 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई.
बिना स्मृति के भारत ने बनाया बड़ा स्कोर
भारत और जिम्बाब्वे के बीच चल रही तीन मैचों की T-20 सीरीज का कल यानी 20 अक्टूबर को तीसरा मैच खेला गया. भारत की कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मैच में स्मृति मंधाना बैटिंग करने ही नहीं आई. उनके बैटिंग न करने का कारण सिर्फ दूसरे बल्लेबाजों को बैटिंग के लिए मौका देना था. उनकी जगह शेफाली के साथ बैटिंग करने अनुष्का शर्मा उतरी थीं.
शेफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा की नई जोड़ी ने भारत के लिए बेहतरीन शुरुआत की. दोनों ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े. भारत का पहला विकेट 6वें ओवर में गिरा. अनुष्का शर्मा 20 गेंदों में 28 रन बनाकर आउट हुईं. एक तरफ से शेफाली ने तेजी से रन बनाना जारी रखा. अनुष्का के बाद बैटिंग करने आईं निकी प्रसाद कुछ खास नहीं कर पाईं और 12 गेंद में 9 रन बनाकर आउट हो गईं.
हरमनप्रीत कौर ने खेली तूफानी पारी
भारत का स्कोर 68 रन था जब निकी प्रसाद का विकेट गिरा. उसके बाद बैटिंग करने आयीं हरमनप्रीत कौर ने शेफाली के साथ मिलकर गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 41 गेंद में 84 रन की साझेदारी हुई. जब शेफाली वर्मा 15वें ओवर में आउट हुईं तो उस समय भारत का स्कोर 152 रन था. शेफाली ने 37 गेंदों में 69 रनों की तेज पारी खेली. उनकी इस पारी में 6 चौके और 5 छक्के शामिल रहे.
शेफाली के आउट होने के बाद भारत का कोई भी बल्लेबाज हरमनप्रीत का साथ नहीं दे पा रहा था. हालांकि हरमनप्रीत एक छोर संभाले हुए थी और तेजी से रन बना रही थीं. एक समय 12 गेंदों में 11 रन पर खेल रही हरमन जब पारी खत्म होने के बाद नाबाद ड्रेसिंग रुम में लौटती हैं तो उनका स्कोर 41 गेंदों में 91 रन होता है. उनकी पारी की आक्रामकता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने अगले 29 गेंद में 80 रन बना दिए.
शेफाली वर्मा जब 152 रन के टीम स्कोर पर आउट हुईं उसके बाद हरमनप्रीत ने अकेले ही उसमें 56 रन जोड़े और भारत का स्कोर 216 तक पहुंचाया. भारत ने 20 ओवर में जिम्बाब्वे के लिए 217 रन का टार्गेट दिया. हरमनप्रीत ने 10 चौके और 5 छक्के की मदद से 91 रन की नाबाद पारी खेली. जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा ने 50 रन देकर 3 विकेट लिया. वहीं सिबांडा, मकुशा और ग्वानजुरा को एक-एक विकेट मिला.
जिम्बाब्वे के दो बल्लेबाज ही छू सके दहाई का आंकड़ा
217 रन के बड़े टोटल का पीछा करने उतरी कमजोर जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. भारत के सभी गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की. जिम्बाब्वे के लिए शार्ने मायर्स ने 49 गेंद में 60 रन बनाए वहीं बिलव्ड बीजा ने 50 गेंदों में 44 रन की पारी खेली. इनके अलावा जिम्बाब्वे को कोई भी खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका. इन दो बल्लेबाजों के बाद तीसरा सबसे बड़ा स्कोर चिपो मुगेरी-तिरिपानो का रहा जिन्होंने 7 रन बनाए.
जिम्बाब्वे के लिए हर एक रन बनाना बहुत मुश्किल काम रहा. जिन दो बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के लिए रन बनाए उनकी पारी भी औसत से बहुत धीरे रही. भारत की तरफ से नंदनी शर्मा ने 18 रन देकर 3 विकेट झटका. इनके अलावा क्रांति गौड़, अरुंधाती रेड्डी, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद को 1-1 विकेट मिला. भारत ने इस मैच को 92 रन से जीत लिया.
क्यों भावुक हुईं हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत कौर काफी समय से खराब फॉर्म से गुजर रही थीं. वहीं कप्तानी छोड़ने के बाद यह उनका पहला मैन ऑफ द मैच था. मैच खत्म होने के बाद उनसे जब सवाल पुछा गया कि ‘क्या कप्तानी छोड़ने के बाद वह खुल कर खेलने का आनंद ले रही हैं’? इस पर हरमन अपनी भावनाओं को नहीं रोक पाईं और उनके आंखों से आंसू छलक पड़े. हरमन को बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया वहीं शेफाली वर्मा ने मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड अपने नाम किया.
"रायपुर में खेले गए तीसरे मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को सीरीज के आखिरी और तीसरे मैच में बड़े अंतर से हरा दिया. मैच की हीरो रहीं भारत की पूर्व…"













