‘दादा ’ के नाम से मशहूर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली 2003 के वर्ल्ड कप में खराब फॉर्म से जूझ रहे थे. अलग-अलग प्रयासों के बाद भी उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे. फिर भारत के एक प्लेयर के सुझाए टोटके के बाद लगा दिया शतक. आइए जानते हैं पूरी कहानी.

2003 वर्ल्ड कप में ‘दादा’ का खराब फॉर्म
भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में थी. पर पहले तीन मैचों में कप्तान सौरव गांगुली के बल्ले से ज्यादा रन नहीं निकले थे. दो बार तो उन्होंने दहाई का आंकड़ा भी नहीं छुआ था. ऐसे में टीम के प्लेयर ने ‘दादा’ को एक टोटका सुझाया. हुआ कुछ यूं की सौरव गांगुली वर्ल्ड कप के पहले मैच में नीदरलैंड्स के खिलाफ सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए, वो अलग बात है कि भारत इस मैच को जीत गया. दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लोगों की उम्मीद थी कि सौरव इस मैच में अच्छा करेंगे पर इस मैच में भी वो फेल हो गए और उनके बल्ले से सिर्फ 9 रन निकले और यह मैच भारत हार गया. तीसरे मैच में उनके बल्ले से 24 रन निकले. हालांकि जिम्बाब्वे से हुए इस मैच में भारत को जीत मिली थी.

हरभजन ने सुझाया एक ‘टोटका’
तीन मैचों का खराब फॉर्म और कप्तानी का दबाव. ऐसा लग रहा था कि सौरव गांगुली का यह वर्ल्ड कप खराब जाएगा. उनके साथी हरभजन ने उनसे कहा कि वह उनका जूता पहन कर खेले. सौरव गांगुली ने भी उनकी बात मान ली. इस बात को मानने का एक कारण यह भी था कि 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में खेले गए मुकाबले में सौरव गांगुली ने हरभजन का ही जूता पहना था. अब आप इसे टोटका कहें या ट्रिक हुआ वही जैसा सौरव चाहते थे. नामीबिया के खिलाफ हुए अगले मैच में सौरव गांगुली ने हरभजन का जूता पहन कर बैटिंग की और उस मैच में उन्होंने शतक जड़ दिया. उस मैच में उन्होंने 119 गेंदों पर 112 रन की पारी खेली. इस मैच के बाद सौरव का फॉर्म भी वापस आ गया. कीनिया के खिलाफ हुए मैच में फिर से उन्होंने शतक जड़ा.
 

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