दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल सैमसंग इलेक्ट्रानिक ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ऐसी कमाई की है, जिसने वैश्विक कॉरपोरेट जगत को चौंका दिया है. भारत में जब भी Reliance Industries अपने तिमाही नतीजे जारी करती है, तो शेयर बाजार की नजर उस पर रहती है. लेकिन इस बार Samsung ने सिर्फ तीन महीनों में इतना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया कि उसकी तुलना Reliance ही नहीं, बल्कि दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों से होने लगी है.
सैमसंग ने शुरुआती आंकड़ों के अनुसार जून तिमाही में 89.4 ट्रिलियन दक्षिण कोरियाई वॉन (करीब 58.4 अरब डॉलर) का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया. यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले लगभग 19 गुना अधिक है. वहीं कंपनी का राजस्व बढ़कर 171 ट्रिलियन वॉन पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है.
Reliance से कितनी बड़ी है Samsung की कमाई?
भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Reliance Industries का तिमाही शुद्ध लाभ (Net Profit) आमतौर पर 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये के दायरे में रहता है. इसके मुकाबले Samsung का ताजा ऑपरेटिंग प्रॉफिट भारतीय मुद्रा में लगभग ₹3.5 लाख करोड़ के बराबर बैठता है. यानी Samsung का तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट, Reliance के एक तिमाही के शुद्ध लाभ से लगभग 12 से 14 गुना अधिक है.
हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि Samsung का ऑपरेटिंग प्रॉफिट और Reliance का नेट प्रॉफिट अलग-अलग वित्तीय पैमाने हैं. इसलिए यह तुलना केवल कमाई के पैमाने को समझाने के लिए है, न कि दोनों कंपनियों की लाभप्रदता का सीधा आकलन.
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दुनिया की बड़ी कंपनियों से भी आगे
Samsung की यह कमाई सिर्फ भारतीय कंपनियों की तुलना में ही बड़ी नहीं है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कई वैश्विक दिग्गजों के पूरे तिमाही मुनाफे से भी ऊपर पहुंच गया है. AI आधारित डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग, मेमोरी चिप्स की ऊंची कीमतें और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की मजबूत बिक्री ने कंपनी की सेमीकंडक्टर इकाई को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया.
फिर भी शेयर क्यों गिर गया?
आमतौर पर इतनी बड़ी कमाई के बाद किसी कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिलती है. लेकिन Samsung के साथ उल्टा हुआ. नतीजे आने के बाद कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 10% तक टूट गया, जिससे उसके बाजार पूंजीकरण में 100 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को अब यह चिंता सता रही है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की मौजूदा रफ्तार भविष्य में धीमी पड़ सकती है. यदि डेटा सेंटरों की मांग कम हुई या मेमोरी चिप्स की कीमतों में गिरावट आई, तो Samsung जैसी कंपनियों की कमाई पर दबाव आ सकता है. यही वजह रही कि रिकॉर्ड नतीजों के बावजूद निवेशकों ने मुनाफा वसूली को तरजीह दी.
AI बूम बना सबसे बड़ा सहारा
पिछले एक वर्ष में दुनिया भर की टेक कंपनियों ने AI सर्वर और डेटा सेंटर पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है. इसका सबसे बड़ा फायदा मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों को मिला. DRAM और NAND Flash चिप्स की कीमतों में तेज उछाल के कारण Samsung की सेमीकंडक्टर इकाई ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया.
अब बाजार की नजर किस पर?
Samsung 30 जुलाई को अपने विस्तृत वित्तीय नतीजे जारी करेगी, जिसमें अलग-अलग कारोबारों का प्रदर्शन सामने आएगा. निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या AI से जुड़ी मांग आगे भी इतनी मजबूत बनी रहती है या फिर मौजूदा रिकॉर्ड कमाई केवल एक असाधारण तिमाही साबित होती है.
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"दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल सैमसंग इलेक्ट्रानिक ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ऐसी कमाई की है, जिसने वैश्विक कॉरपोरेट जगत को च…"
