घर खरीदने, पढ़ाई, कारोबार या किसी अन्य जरूरत के लिए आज लाखों लोग बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन लेते हैं. लेकिन कई बार नौकरी छूटने, कारोबार में नुकसान या किसी अन्य आर्थिक परेशानी के कारण समय पर किस्त (EMI) चुकाना मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति में कुछ लोगों को रिकवरी एजेंटों के फोन, घर आने या बदसलूकी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंटों के लिए नए संशोधित नियम जारी किए हैं. ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और सभी बैंकों, NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों समेत RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं पर लागू होंगे.

आखिर RBI ने नियम क्यों बदले?

RBI के अनुसार, लोन वसूली के दौरान उधारकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना जरूरी है. इसलिए नए नियमों में रिकवरी एजेंटों के आचरण, उनकी नियुक्ति, प्रशिक्षण, आचार संहिता और लोन रिकवरी की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है.

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रिकवरी एजेंट कब फोन कर सकते हैं?

RBI के नए नियमों के अनुसार रिकवरी एजेंट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही फोन कर सकते हैं या संपर्क कर सकते हैं. यदि आपने किसी उचित कारण से किसी विशेष समय पर संपर्क न करने का अनुरोध किया है, तो उसका भी सम्मान किया जाना चाहिए.

क्या रिकवरी एजेंट घर आ सकते हैं?

हाँ, लेकिन कुछ शर्तों के साथ.

  • वे केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही घर या कार्यालय आ सकते हैं.
  • उनके पास बैंक या वित्तीय संस्था का अधिकृत पहचान पत्र और प्राधिकरण होना चाहिए.
  • वसूली के दौरान उन्हें शालीन और सम्मानजनक व्यवहार करना होगा.

क्या वे आपके रिश्तेदारों या पड़ोसियों को बता सकते हैं?

नहीं. रिकवरी एजेंट आपकी निजी जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर सकते. सामान्य परिस्थितियों में वे आपके रिश्तेदारों, दोस्तों या पड़ोसियों को यह नहीं बता सकते कि आपने लोन लिया है या आप पर कितना बकाया है. उनका संपर्क केवल उधारकर्ता या गारंटर तक सीमित होना चाहिए.

क्या रिकवरी एजेंट धमका सकते हैं?

बिल्कुल नहीं.

RBI के नियमों के अनुसार रिकवरी एजेंट-

  • धमकी नहीं दे सकते.
  • गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते.
  • मानसिक दबाव या डराने-धमकाने की कोशिश नहीं कर सकते.
  • सोशल मीडिया या सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को बदनाम नहीं कर सकते.
  • किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं कर सकते.

बैंकों की भी बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए नियमों के तहत केवल रिकवरी एजेंट ही नहीं, बल्कि बैंक और वित्तीय संस्थान भी जिम्मेदार होंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि-

  • रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति से पहले पूरी जांच हो.
  • उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए.
  • उनके लिए आचार संहिता लागू हो.
  • ग्राहकों की शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए.

मोबाइल भी नहीं होगा मनमाने तरीके से लॉक

आजकल कई मोबाइल फोन फाइनेंस पर खरीदे जाते हैं. RBI ने ऐसे मामलों में तकनीक आधारित रिकवरी के लिए भी नियम तय किए हैं, ताकि ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा बनी रहे और किसी तरह की मनमानी न हो.

नियम कब से लागू होंगे?

RBI द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देश 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. इसके बाद सभी बैंक, NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां और अन्य विनियमित संस्थाओं को इन्हीं नियमों का पालन करना होगा.

अगर नियमों का उल्लंघन हो तो क्या करें?

यदि कोई रिकवरी एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer) के पास शिकायत करें. यदि समय पर समाधान नहीं मिलता, तो RBI के इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

 

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