संसद का मॉनसून सत्र जारी है. आज सोमवार को पेपर लीक पर सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पेश किया.

पेपर लीक पर सख्ती बढ़ाने के लिए लाए गए इस बिल में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही गई है. इसके तहत जांच दो महीने के अंदर पूरी करनी होगी. साथ ही, पेपर लीक के दोषियों को कम से कम 5 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है. वहीं, अगर मामला किसी गिरोह या संगठित तरीके से किए गए अपराध का है, तो कम से कम 7 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. हालांकि, संसद में बिल पेश होने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद जारी है.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया बिल

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पेश किया.

नीट पेपर लीक के खिलाफ कई हफ्तों तक चले देशभर के विरोध प्रदर्शनों के बाद यह बिल लाया गया है. बिल पेश होने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर इसका समर्थन किया. वहीं, विपक्षी दलों ने पेपर लीक और छात्रों से निपटने के लिए पुलिस के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए.

विपक्ष ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा

विपक्ष ने छात्रों पर पैलेट गन चलाए जाने के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला. इसके साथ-साथ विपक्ष ने पुलिस बर्बरता' का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही भी मांगी है. हालांकि लोकसभा में स्पीकर ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा. इसके बाद सदन को मंगलवार दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

अब कल संसद में इस बिल को लेकर चर्चा होगी. चर्चा में अलग-अलग दल इस बिल को लेकर अपने सुझाव और बदलाव के प्रस्ताव रख सकते हैं. चर्चा के बाद सरकार इन सुझावों पर जवाब देगी. इसके बाद बिल को सदन की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा.

लोकसभा स्पीकर ने बिल में बदलाव के सुझाव देने के लिए दोपहर 1 बजे तक का समय दिया था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी.

क्या है ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’?

‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ सरकार द्वारा लाया गया एक सख्त बिल है. इसे आज 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में पेश किया गया.

यह बिल ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में बदलाव करने के लिए लाया गया है. इस बिल का मकसद प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक, नकल और गलत तरीकों को रोकना है. इसके साथ ही बिल में दोषियों के लिए सजा और जुर्माने को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है.

विपक्ष ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा

विपक्ष ने छात्रों पर पैलेट गन चलाए जाने के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला. लोकसभा में स्पीकर ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा. इसके बाद सदन को मंगलवार दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

अब कल संसद में इस बिल को लेकर चर्चा होगी. चर्चा में अलग-अलग दल इस बिल को लेकर अपने सुझाव और बदलाव के प्रस्ताव रख सकते हैं. चर्चा के बाद सरकार इन सुझावों पर जवाब देगी. इसके बाद बिल को सदन की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा.

इसके तहत पेपर लीक करने वाले व्यक्ति को 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. वहीं, अगर कोई मामला मिलकर या योजना बनाकर किए गए अपराध से जुड़ा है, तो कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

परीक्षा कराने वाली संस्थाओं पर भी सख्ती

इस बिल में परीक्षा कराने वाली एजेंसियों और संस्थाओं पर भी सख्ती की गई है. अगर कोई संस्था परीक्षा में गड़बड़ी करती है, तो उसे 8 साल तक परीक्षा कराने से रोका जा सकता है.

अपराधों की जांच के लिए केंद्र सरकार किसी जांच एजेंसी या विशेष टीम की मदद ले सकती है और जांच दो महीने के अंदर पूरी करनी होगी. इसके अलावा, मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे.

इन अदालतों में रोज सुनवाई होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के अंदर फैसला देने की कोशिश की जाएगी. कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जा सकेगी.

अब कल संसद में बिल पर चर्चा की उम्मीद

अब सवाल यह है कि क्या कल संसद सत्र में इस बिल पर चर्चा होगी या फिर आज की तरह विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही दोबारा स्थगित हो जाएगी.

"संसद का मॉनसून सत्र जारी है. आज सोमवार को पेपर लीक पर सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर…"