देश में किसानों की आय बढ़ाने से लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसल बीमा, सरकारी खरीद और खाद्य सुरक्षा जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं खेती के सही आंकड़ों पर निर्भर करती हैं. यदि फसल उत्पादन के आंकड़ों में गड़बड़ी हो जाए तो सरकार के फैसलों से लेकर किसानों को मिलने वाले लाभ तक प्रभावित हो सकते हैं. इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने कृषि सांख्यिकी को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए देशभर में 130 सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों को सलाहकार (Consultant) के रूप में अनुबंध के आधार पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की है.
क्यों पड़ी इस भर्ती की जरूरत?
देशभर में हर सीजन फसलों की बुवाई, उत्पादन और पैदावार का आकलन किया जाता है. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार यह तय करती है कि किस फसल का उत्पादन कितना हुआ, किसानों को किस तरह की सहायता दी जानी चाहिए और भविष्य की कृषि नीतियां कैसी होंगी.
हाल के वर्षों में कृषि सर्वेक्षणों को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है. इसी क्रम में डिजिटल जनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे (Digital General Crop Estimation Survey) के तहत होने वाले Crop Cutting Experiments की निगरानी और गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है.
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क्या करेंगे ये सलाहकार?
सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले सलाहकार सिर्फ कार्यालय में बैठकर काम नहीं करेंगे, बल्कि वे सीधे कृषि सर्वेक्षणों और फील्ड गतिविधियों की निगरानी करेंगे. उनकी जिम्मेदारियों में शामिल होगा-
- फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) की निगरानी.
- कृषि सर्वेक्षणों की गुणवत्ता की जांच.
- आंकड़ों का सत्यापन और त्रुटियों की पहचान.
- राज्य सरकारों और क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ समन्वय.
- कृषि सांख्यिकी से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी मार्गदर्शन देना.
किसानों और आम लोगों को क्या होगा फायदा?
यह कदम केवल सरकारी व्यवस्था तक सीमित नहीं है. इसके दूरगामी लाभ किसानों और आम नागरिकों दोनों को मिल सकते हैं.
यदि कृषि आंकड़े अधिक सटीक होंगे तो सरकार बेहतर तरीके से फसल उत्पादन का अनुमान लगा सकेगी. इससे MSP, सरकारी खरीद, फसल बीमा, राहत पैकेज और खाद्यान्न प्रबंधन जैसे निर्णय अधिक भरोसेमंद आंकड़ों के आधार पर लिए जा सकेंगे. सही आंकड़ों से बाजार में मांग और आपूर्ति का बेहतर आकलन भी संभव होगा.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस भर्ती के लिए केवल सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी पात्र होंगे. उम्मीदवार के पास कृषि सर्वेक्षण या आधिकारिक सांख्यिकी से जुड़े कार्य का कम से कम दो वर्ष का अनुभव होना चाहिए. संबंधित राज्य की भाषा का ज्ञान और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी आवश्यक है. आवेदन की अंतिम तिथि तक अधिकतम आयु 64 वर्ष निर्धारित की गई है.
क्या मिलेगा वेतन और सुविधाएं?
चयनित सलाहकारों को मासिक पारिश्रमिक उनकी सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त वेतन और मूल पेंशन के आधार पर दिया जाएगा. इसके अलावा यात्रा भत्ता, परिवहन भत्ता और इंटरनेट खर्च की सीमित प्रतिपूर्ति भी मिलेगी, हालांकि उन्हें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा.
एक साल का होगा अनुबंध
चयनित सलाहकारों की नियुक्ति शुरुआत में एक वर्ष के लिए की जाएगी। आवश्यकता और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध को एक वर्ष और बढ़ाया जा सकता है.
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