लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 सितंबर को कथित दुष्कर्म की खबर पर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की और फगवाड़ा-जलंधर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) जाम कर दिया. शाम को पुलिस से टकराव हुआ, जिसमें पथराव हुआ और पुलिस के वाहनों में आग लगा दी गई. विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं. 28 सितंबर को पुलिस ने बताया कि हाईवे पर यातायात बहाल हो गया है और हालात नियंत्रण में हैं.
प्रदर्शन की शुरुआत और हाईवे जाम
27 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास प्रदर्शन शुरू हुआ. कुछ छात्रों का आरोप था कि तीन दिन पहले हॉस्टल में रह रही एक छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति (प्लंबर) ने दुष्कर्म किया. उनका यह भी दावा था कि हॉस्टल वार्डन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
सुबह करीब 8 बजे से छात्रों ने NH-44 पर धरना शुरू कर दिया, जो 15 घंटे से ज्यादा चला. यातायात को फगवाड़ा-जांदियाला रोड और अन्य संपर्क मार्गों की ओर मोड़ा गया. जाम के दौरान कई वाहन चालक घंटों फंसे रहे. एक ट्रक चालक ने बताया कि वह सुबह से जाम में था और कुछ लोगों को परेशान होकर अपने वाहन छोड़कर निकलना पड़ा.
शाम को हिंसा, पुलिस वाहनों में आगजनी
शाम करीब 7.30 बजे पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक छात्रों ने पानी की बोतलें फेंकीं, जिसके बाद हल्का लाठीचार्ज हुआ. छात्र कैंपस की ओर भागे और भीतर पहुंचकर पुलिसकर्मियों पर पथराव करने लगे. पुलिस के कम से कम दो से तीन वाहनों में आग लगाई गई.
जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के अनुसार चार से पांच पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए. कई पुलिसकर्मी घायल हुए, हालांकि घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र कैंपस में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते और कुछ सामान में आग लगाते दिखे. वीडियो में ‘We Want Justice’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं.
कैंपस में पुलिस की तैनाती
हिंसा के बाद कपूरथला, जलंधर ग्रामीण और होशियारपुर से अतिरिक्त बल बुलाया गया. 27 सितंबर की देर शाम एडीजीपी एम.एफ. फारूकी के नेतृत्व में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी कैंपस में दाखिल हुए और फ्लैग मार्च निकाला. जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, डीआईजी (जालंधर रेंज) नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा भी साथ थे. फारूकी ने कैंपस में रह रही छात्राओं के परिवारों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही और भरोसा दिलाया कि सभी सुरक्षित हैं. डीआईजी सिंगला ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह के मुताबिक 27 और 28 सितंबर की दरम्यानी रात से ही NH-44 पर यातायात सामान्य है. एसपी (इन्वेस्टिगेशन) हरिंदर गिल ने बताया कि कक्षाएं स्थगित होने की घोषणा के बाद छात्र घर जाने लगे हैं और फिलहाल कैंपस में कोई प्रदर्शन नहीं हो रहा. 28 सितंबर की सुबह भी विश्वविद्यालय के सभी गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.
FIR दर्ज, SIT गठित
पुलिस ने छात्रों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया है. डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों के अनुसार कथित पीड़िता कार्रवाई न होने पर अपने घर लौट गई थी. जांच में फॉरेंसिक सैंपल, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी और छात्र प्रतिनिधियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा.
डीआईजी ने यह भी बताया कि तेलंगाना की एक छात्रा ने करीब 15 दिन पहले LPU में आत्महत्या की थी और यदि छात्र किसी साजिश या संदिग्ध परिस्थिति की बात कहते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने इस मामले को कथित दुष्कर्म के आरोप से नहीं जोड़ा है.
विश्वविद्यालय का पक्ष और वीडियो पर विवाद
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुष्कर्म की घटना से इनकार किया है. रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने आरोपों को ‘झूठा, आधारहीन और मनगढ़ंत’ बताया और कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैला रहे हैं. कुलपति जसपाल सिंह संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है और वह जांच में सहयोग करेगा. प्रशासन ने इसे विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की सोची-समझी कोशिश बताया और छात्रों व अभिभावकों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की.
27 सितंबर को डॉ. गुलाटी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें GH-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राएं कह रही थीं कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई. रजिस्ट्रार ने इसके आधार पर कहा कि इसके पीछे असामाजिक तत्व और निहित स्वार्थ वाले लोग हैं. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इन्हीं तीनों छात्राओं ने बाद में एक अलग वीडियो में कहा कि उनसे वही बुलवाया गया जो प्रशासन ने कहा था. उनका आरोप है कि वीडियो का आधा हिस्सा काटकर इंस्टाग्राम पर डाला गया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी और उनकी सहमति नहीं ली गई. एक छात्रा ने कहा कि कमरा नंबर यूं ही चुन लिया गया था. इस पर विश्वविद्यालय की ओर से अलग से कोई प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है.
छात्रों की मांगें और बातचीत
प्रदर्शनकारी चाहते थे कि LPU के संस्थापक-चांसलर अशोक मित्तल खुद प्रदर्शन स्थल पर आकर उनके मुद्दे सुलझाने का भरोसा दें. मित्तल राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता हैं. छात्रों ने यह मांग भी रखी कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम का उनका एक्सेस बंद न किया जाए और प्रदर्शन में शामिल होने पर किसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई न हो. डीआईजी सिंगला के अनुसार छात्राओं की एक मांग यह भी है कि हॉस्टल में पूरा स्टाफ महिलाओं का हो, जिस पर उन्होंने कहा कि प्रबंधन इसे देखेगा. विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही. कुलपति ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की जायज शिकायतों का समाधान किया जाएगा.
कक्षाएं बंद, घर लौटे छात्र
विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिन के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित की हैं और सभी कोर्स की मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं. छात्रों को अभिभावकों या संरक्षकों से सलाह के बाद इस अवधि में घर जाने की अनुमति दी गई है. जो छात्र कैंपस में रुकना चाहते हैं, उन्हें हॉस्टल या आवास के भीतर रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी तरह की अशांति से दूर रहने की सलाह दी गई है. 28 सितंबर की सुबह कई छात्र कैंपस से अपने घरों के लिए रवाना होते दिखे.
मुख्यमंत्री के निर्देश और राजनीतिक बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अशांति के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने डीजीपी गौरव यादव को मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने को भी कहा है.
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि छात्रों को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जवाब मिलने चाहिए, अफवाह या दमन नहीं. उन्होंने हिंसा को पंजाब की कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया और आरोप लगाया कि सुबह से हाईवे जाम होने के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से मिलने नहीं आया.
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले उपद्रवी भेजे. उन्होंने पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप भी लगाया. अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि अशोक मित्तल के AAP छोड़कर भाजपा में जाने के बाद पार्टी नेता LPU को बंद कराना चाहते हैं.
-ममता सिंह
"लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 सितंबर को कथित दुष्कर्म की खबर पर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की…"
