इंडिया गठबंधन ने 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर सांकेतिक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित किया है. इस कार्यक्रम में विपक्ष मॉक पार्लियामेंट भी लगाएगा जिसमे कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियां भी हिस्सा लेंगी.  

क्या है मॉक पार्लियामेंट?
मॉक पार्लियामेंट मे सदन जैसी कार्यवाही की जाती है, लेकिन उसकी कोई संवैधानिक या कानूनी मान्यता नहीं होती. इसमें अध्यक्ष होता है, प्रस्ताव पेश होता है, नेता अपनी बात रखते हैं और अंत में प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है.

क्यों कर रहा है विपक्ष मॉक पार्लियामेंट?
मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने जैसी ही है, जिसमें संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना जरूरी है. इंडिया गठबंधन का कहना है कि वह वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहता है. इसी मांग को जनता के बीच ले जाने के लिए विपक्ष ने यह सांकेतिक 'जन महाभियोग' और मॉक पार्लियामेंट का रास्ता चुना है. 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक कई जगहों पर आयोजन की अनुमति नहीं मिली, इसलिए कार्यक्रम खरगे के आवास पर रखा गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी. गठबंधन में शामिल अलग-अलग दलों के प्रतिनिधि प्रस्ताव पर अपनी बात रखेंगे. प्रस्ताव पारित किए जाने से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समापन भाषण देंगे. 

भाजपा का पलटवार
भाजपा ने इस कार्यक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि उसे ऐसा विपक्ष मिला है, जिसने मानसून सत्र को चलने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में अपनी बात नहीं रखता, लेकिन 'नाटक का मंच' बनाकर मॉक पार्लियामेंट करता है. जायसवाल के मुताबिक भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता और विपक्ष को संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए. 

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि विपक्ष पूरे सिस्टम का मजाक उड़ा रहा है. उनका दावा है कि तीन चुनावों में कांग्रेस को कुल मिलाकर 195 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा को अकेले 2024 में 240 सीटें मिलीं. उन्होंने कहा कि 2024 में 99 सीटें जीतने पर कांग्रेस ने जीत का दावा किया था. 

SIR और 'वोट चोरी' का मुद्दा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गठबंधन के नेताओं ने खरगे के आवास पर बैठक कर कार्यवाही और उसमें अलग-अलग दलों की भूमिका को अंतिम रूप दिया. 

पीटीआई के अनुसार, कार्यक्रम 30 अक्टूबर को साढ़े तीन बजे होना है. 

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