गृहमंत्री द्वारा मंगलवार को दिल्ली में लाँच हुए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड. इसमें गृह सचिव , विदेश सचिव और इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. शाह ने कहा इन दोनों के लाँच होने से 50 लाख OCI कार्डधारकों को बेहतर और तेज सुविधाएं मिलेगी. सरकार प्रधानमंत्री के 'मिनिमम गवर्नमेंट' सिद्धांत पर काम कर रही है. इससे ईमानदार लोगो का काम आसान होगा और गलत कामों में निगरानी रखी जाएगी.
क्या बदलाव हुआ FCRA 2.0 पोर्टल में?
गृहमंत्री ने कहा 2014 तक FCRA का पूरा काम आफलाइन व्यवस्था में उलझी हुई थी. जिससे काम में लेटलतीफी होती थी. इस नई ऑनलाइन प्रणाली से ई-साइन,आधार आधारित सत्यापन, OCR से ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएँगी इसमें हार्डकॉपी की जरुरत नहीं पड़ेगी. आवेदन जल्द निपटेंगे और विदेशी अंशदान की निगरानी होगी.
आगे जवाब देते हुए उन्होंने कहा, आने वाले महीनों में FCRA मोबाईल एप, बिना एआई वाला चैटबाट और बैंको के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड शुरू की जाएगी.
e -OCI के क्या हैं फायदे?
सहकारिता मंत्री ने कहा इस डिजिटल व्यवस्था से OCI कार्डधारको को कई सुविधाएं मिलेंगी. अब 20 वर्ष में नया पासपोर्ट बनानें पर OCI बुकलेट को दोबारा जारी करने की जरुरत नहीं पड़ेगी. कार्डधारकों को एक यूनिक पंजीकरण संख्या मिलेगी. डिजिटल कार्ड होने से खोने और खराब होने की समस्या दूर हो जाएगी. साथ ही कभी भी जरुरत पड़ने पर सत्यापन भी किया जा सकेगा.
डिजिटल निगरानी से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिलेगी मजबूती: सरकार
सरकार का दावा है कि FCRA 2.0 पोर्टल के लागू होने से विदेशी अंशदान की निगरानी व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनेगी. नए डिजिटल सिस्टम के जरिए संस्थाओं के लिए नियमों का अनुपालन पहले की तुलना में सरल होगा, वहीं कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता भी घटेगी. इसके अलावा, विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों पर अधिक प्रभावी निगरानी रखकर राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा. सरकार के मुताबिक, FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड जैसी पहलें डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम हैं.
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