एक छोटे से शहर रांची से आने वाला लड़का हर घर का पसंदीदा चेहरा बन जाएगा यह शायद खुद धोनी ने भी नहीं सोचा होगा. कहने वाले तो ऐसा कहते हैं कि धोनी की किस्मत सोने के कलम से लिखी हुई है. ऐसा कहने के पीछे कई वजहें. आइए धोनी के करियर से जुड़े कुछ अहम लम्हों पर एक नजर डालते हैं.
‘हेलीकॉप्टर’ से मिली थी करियर को उड़ान
साल 2004 में जब धोनी ने डेब्यू किया तो उनके बाल कंधों तक आते थे. लंबे बालों से सबका ध्यान खींचने वाले धोनी ने अपने एक शॉट से दुनिया भर के बॉलरों में डर और लोगों के मन में एक खास जगह बना ली. वह शॉट था ‘हेलीकॉप्टर शॉट’. अपनी बेखौफ बैटिंग और लंबे-लंबे छक्के मारने वाला खिलाड़ी अपने कूल अंदाज से सबका फेवरेट बन गया.
जर्सी नम्बर 7 ने 2007 में संभाली भारत की कप्तानी
वह साल 2007 का था जब गांगुली, सचिन और द्रविड़ जैसे खिलाड़ी टी-20 से बाहर कर दिए गए. 2007 में टी-20 फॉर्मेट का पहला वर्ल्ड कप खेला गया. धोनी के कंधों पर एक युवा टीम को लीड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. धोनी ने उस वर्ल्ड कप में अपने फैसलों से यह साबित कर दिया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं. ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान के खिलाफ बॉल आउट में स्पिनर्स से बॉल डलवा के एकदम विकेट के पीछे बैठने की चाल हो या फिर पाकिस्तान के ही खिलाफ हुए फाइनल में लास्ट ओवर जोगिंदर शर्मा को देना हो. धोनी ने यह साफ कर दिया की वह सिर्फ खेलने नहीं आए बल्कि राज करने आए हैं. 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीत धोनी ने अपने कैप्टेंसी का लोहा मनवाया.
2011 का वर्ल्ड कप भारत में हो रहा था और धोनी अब तक हर घर का जाना पहचाना नाम बन गए थे. पहले अपनी बैटिंग के लिए पॉपुलर धोनी अब अपनी कैप्टेंसी और विकेट के पीछ से जादू करने के लिए भी मशहूर हो चुके थे. जब वह विकेट के करीब आकर कीपिंग करते थे तो क्रीज से आगे निकल कर शॉट खेलने में बड़े-बड़े खिलाडियों का पसीना छूट जाता था. धोनी ने अपनी इन्हीं काबिलियत के दम पर भारत को 2011 का वर्ल्ड कप भी जिताया. सबके जेहन में वो विजयी छक्का जरूर याद होगा. आगे के चल के उनकी कप्तानी में भारत ने 2013 की चैम्पियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा किया. इस तरह वो उस समय की तीनों ICC ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान बन गए.
धोनी ने 2008 में शुरु हुई IPL टूर्नामेंट में भी अपना जलवा बिखेरा और चेन्नई सुपर किंग्स को 5 बार IPL ट्रॉफी जितवाई.
अवार्ड्स एंड ऑनर्स
धोनी के नाम क्रिकेट में बहुत से रिकॉर्ड्स हैं. उन्होंने अपने करियर में 17 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाए हैं. धोनी को 2008 में खेल में मिलने वाले सबसे सर्वश्रेष्ठ अवार्ड मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उन्हें 2009 में पद्म श्री और 2018 में पद्म भूषण का अवार्ड मिला. धोनी दो बार ICC ODI Player of the Year का अवार्ड भी जीत चुके हैं. 2008 और 2009 में इन्हें यह अवार्ड मिला था. धोनी आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की पोस्ट पर भी है. इन अवार्ड्स से परे धोनी का भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे बड़ा कॉन्ट्रिब्यूशन है जीत की आदत लगाना. उनकी कप्तानी में भारत क्रिकेट के हर फॉर्मेट में टॉप रैंकिंग पर पहुंचा था और भारत ने सभी ICC ट्रॉफी को जीता था.
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