एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए दूसरा दिन ऐतिहासिक रहा. भारत के लिए एक मेडल ऐसे खेल में आया जिसमें भारत ने आज तक कभी कोई मेडल नहीं जीता था. भारत शायद इस इवेंट में गोल्ड भी जीत सकता था पर मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ की सुचिका को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा. आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हुआ जो भारत को इस ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा.
MMA में भारत के लिए पहला मेडल
भारत में MMA (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स) एक उभरता हुआ खेल है. दूनियाभर में इस खेल के करोड़ो फैंस पर भारत में इसकी लोकप्रियता अभी कुछ खास नहीं है. पर अब जब सुचिका तरियाल ने इस खेल में एशियन गेम्स में भारत को पहली बार भारत को मेडल दिलाया है तो उम्मीद है कि आगे आने वाला समय में देश इस खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करेगा. भारत के लिए MMA में यह पहला मेडल है. भारत की सुचिका तरियाल को एक नाटकीय ढंग से सेमीफाइनल में हार मिली. इस हार के कारण उनको ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.
मैच बराबर फिर सुचिका कैसे हारीं
एशियन गेम्स के सेमीफाइनल मे सुचिका का सामना सिंगापुर की तेओ हुई हून के साथ था. दोनों खिलाड़ियों ने अपना बेहतरीन खेल दिया. अंत में सिंगापुर की तेओ हुई हून को विजेता घोषित कर दिया गया. पर उससे पहले मैच में कुछ ऐसा देखने को मिला जो आमतौर खेलों में नहीं देखा जाता है. मैच का फैसला तीन जजों की बेंच करती है. पर इस मैच को भारत के अधिकारियों और कोच के दखल के बाद 10 जजों के पैनल को भेजा गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत के कोच और अधिकारी दिए गए फैसले से संतुष्ट नहीं थे. इस जांच के लिए भारत ने 1000 डॉलर की फीस भी भरी.
10 जजों के पैनल ने जांच के बाद मैच को टाई करार दिया. मैच बराबर था फिर ऐसा किया हुआ की सुचिका को हार झेलनी पड़ी. तो हुआ कुछ यूं की सुचिका का वजन तेओ हुई हून से 700 ग्राम ज्यादा था और वेट कैटेगरी में ज्यादा वेट होने के कारण ही सुचिका को सेमीफाइनल में हार मिली. हालांकि इसके बाद भी सुचिका ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया और MMA में भारत को एशियन गेम्स में पहला मेडल दिलाया.
"एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए दूसरा दिन ऐतिहासिक रहा. भारत के लिए एक मेडल ऐसे खेल में आया जिसमें भारत ने आज तक कभी कोई मेडल नहीं जीता था.…"
