एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत. वजह फूड पॉइजनिंग बताई जा रही है. खबरों के मुताबिक, परिवार ने आखिरी बार नूडल्स खाए थे. हालांकि, जांच में पुष्टि होने तक इन मौतों को सीधे नूडल्स से जोड़ना सही नहीं होगा.

लेकिन इस खबर के बाद एक सवाल उठना लाजमी है. क्या नूडल्स खाना इतना खतरनाक हो सकता है कि इससे सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचे?

दरअसल, आजकल इंस्टेंट नूडल्स हमारी डाइट का हिस्सा बन चुके हैं. शाम को कुछ चटपटा खाने का मन हो या रात में अचानक भूख लग जाए, तो नूडल्स सबसे पहले याद आते हैं. पानी उबाला, मसाला डाला और कुछ ही मिनटों में खाना तैयार.

लेकिन जो नूडल्स हमें झटपट भूख मिटाने का आसान तरीका लगते हैं, उन्हें बार-बार खाना सेहत पर असर डाल सकता है. आइए, एक-एक करके समझते हैं कैसे.

सबसे पहले बात ब्लड प्रेशर की.

दरअसल, इंस्टेंट नूडल्स के साथ मिलने वाले मसाले में सोडियम यानी नमक की मात्रा ज्यादा हो सकती है. अब अगर आप बार-बार ज्यादा सोडियम लेते हैं, तो इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है. और जब ब्लड प्रेशर बढ़ता है, तो इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है.

इसलिए नूडल्स खाते समय सिर्फ स्वाद पर ध्यान न दें. पैकेट पर दी गई सोडियम की मात्रा भी जरूर चेक करें.

लेकिन बात सिर्फ ब्लड प्रेशर तक ही सीमित नहीं है.

इसका संबंध आपके वजन और डाइट से भी है. नूडल्स में फाइबर कम हो सकता है. ऐसे में इन्हें खाने के बाद कुछ लोगों को जल्दी भूख लग सकती है.

अब अगर आप बार-बार नूडल्स खाते हैं और आपकी डाइट में दूसरी पौष्टिक चीजें कम हैं, तो वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है. हालांकि, वजन बढ़ना आपकी पूरी डाइट और शारीरिक गतिविधियों पर भी निर्भर करता है.

अब वजन के बाद बात करते हैं पेट की.

कई लोगों को नूडल्स खाने के बाद गैस, कब्ज या एसिडिटी की शिकायत हो सकती है. खासकर तब, जब उनकी डाइट में फल, सब्जियां और फाइबर वाली चीजें कम हों.

यानी सिर्फ पेट भर लेना काफी नहीं है. शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी चाहिए.

लेकिन नूडल्स का असर यहीं खत्म नहीं होता.

इसका संबंध ब्लड शुगर से भी हो सकता है. दरअसल, नूडल्स में मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं.

खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या खा रहे हैं और कितनी मात्रा में खा रहे हैं. इसके साथ ही, खाने में दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल करना भी जरूरी है.

अब एक और जरूरी बात, जो किडनी की सेहत से जुड़ी है.

जैसा कि हमने बताया, नूडल्स में सोडियम ज्यादा हो सकता है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा सोडियम लेना उन लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है, जिन्हें पहले से किडनी की बीमारी है.

इसलिए नूडल्स खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी पढ़ें. अगर आपको किडनी की बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के मुताबिक अपनी डाइट चुनें.

अब सवाल है कि क्या इन सभी परेशानियों से बचने के लिए नूडल्स खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है. फर्क इस बात से पड़ता है कि आप इन्हें कितनी बार खाते हैं और आपकी पूरी डाइट कैसी है. कभी-कभार नूडल्स खाना और रोज इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बना लेना, दोनों अलग बातें हैं.

अगर नूडल्स खाने का मन हो, तो इन्हें थोड़ा पौष्टिक बना सकते हैं. इसके लिए इनमें मटर, गाजर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां डालें. मसाले का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें. साथ ही, पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी भी पढ़ें.

इसके अलावा, अपनी रोज की डाइट में दाल, फल और हरी सब्जियां शामिल करें. इससे आपको जरूरी पोषक तत्व मिल सकेंगे.

लेकिन यहां एक बात समझना और भी जरूरी है.

शुरुआत में जिस परिवार की मौत की खबर का जिक्र किया गया, उसकी वजह जांच पूरी होने से पहले नूडल्स को मान लेना सही नहीं होगा. फूड पॉइजनिंग दूषित खाने, खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखने या उसे गलत तरीके से स्टोर करने की वजह से भी हो सकती है.

इसलिए खाना बनाने से पहले हाथ धोएं. साफ बर्तनों का इस्तेमाल करें. खाने को अच्छी तरह पकाएं और सही तरीके से स्टोर करें.

तो कुल मिलाकर बात इतनी सी है.

कभी-कभार स्वाद के लिए नूडल्स खाना और इन्हें रोज की आदत बना लेना, दोनों अलग बातें हैं. इसलिए अगली बार जब नूडल्स खाने का मन हो, तो स्वाद के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें.

 


 

" एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत. वजह फूड पॉइजनिंग बताई जा रही है. खबरों के मुताबिक, परिवार ने आखिरी बार नूडल्स खाए थे. हालांकि, जांच में पुष…"