राजस्थान के झोटवाड़ा में 17 साल के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई. इस घटना के बाद विवाद बढ़ गया है.

बुधवार को स्कूल में अचानक प्रिंस की तबीयत खराब हो गई. कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया. परिजनों के अनुसार, लंच के समय प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन से आलू की पेटीज खाई थी. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई.

परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने प्रिंस को तुरंत अस्पताल नहीं पहुंचाया. इसके बजाय परिवार को सूचना देकर स्कूल बुलाया गया. परिजन स्कूल पहुंचे और प्रिंस को निजी अस्पताल ले गए. उसकी हालत गंभीर थी. डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया. वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद गुरुवार को परिजनों और कई छात्रों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए गए. परिजनों ने स्कूल प्रधान और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई है.

प्रिंस की मौत के बाद परिजनों और छात्रों में आक्रोश

छात्र प्रिंस सोनी की मौत के बाद परिजनों और विद्यार्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला. आक्रोशित परिजनों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए संस्था प्रधान और आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शन के दौरान स्कूल परिसर ‘वी वांट जस्टिस’ के नारों से गूंज उठा. बड़ी संख्या में छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रिंस को न्याय दिलाने की मांग उठाई.

प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही स्कूल बंद करने की मांग भी की. परिजन स्कूल प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. प्रदर्शन के चलते स्कूल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और माहौल पूरी तरह आक्रोशित नजर आया.

प्रिंस की मौत के बाद उसके परिवार में काफी गुस्सा है. परिजनों का कहना है कि जब प्रिंस स्कूल में बेहोश हुआ था, तब उसे तुरंत इलाज मिलना चाहिए था.उनका आरोप है कि समय पर इलाज मिल जाता तो प्रिंस की जान बचाई जा सकती थी. इसी को लेकर परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ गिरफ्तारी की मांग की है.

प्रदर्शन के दौरान परिजन संस्था प्रधान सहित जिम्मेदार शिक्षकों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर कार्रवाई के साथ स्कूल बंद करने की मांग भी उठाई. वहीं, बड़ी संख्या में स्कूली छात्र भी अपने साथी प्रिंस को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. छात्रों और परिजनों के प्रदर्शन के चलते स्कूल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

कैंटीन की पेटीज की गुणवत्ता पर उठे सवाल

प्रिंस की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल की कैंटीन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि लंच के समय पेटीज खाने के बाद प्रिंस की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. हालांकि, पेटीज खाने और उसकी मौत के बीच कोई सीधा संबंध अभी सामने नहीं आया है. छात्र की तबीयत खराब होने की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी.

पुलिस ने शुरू की जांच 

घटना की जानकारी मिलने के बाद झोटवाड़ा थाना पुलिस स्कूल पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने प्रिंस के शव को कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर स्कूल प्रशासन, परिजनों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है.

अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने के बाद ही प्रिंस की मौत की सही वजह सामने आएगी. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रिंस की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने में स्कूल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही हुई थी या नहीं.


 

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